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ऑस्कर की रेस में आखिरी मोड़ पर चूकी Homebound, फिर भी भारतीय सिनेमा ने छोड़ी गहरी छाप
Neeraj Ghaywan की फिल्म Homebound को 98वें Academy Awards में Best International Feature की अंतिम सूची में जगह नहीं मिली, लेकिन इसकी चर्चा थमी नहीं
जब गुरुवार सुबह 98वें Academy Awards की नामांकन सूची सामने आई, तो भारतीय सिनेमा प्रेमियों की नजरें एक ही नाम पर टिकी थीं — Homebound। लंबे समय से चर्चा में रही यह फिल्म Best International Feature कैटेगरी की शॉर्टलिस्ट तक तो पहुंची, लेकिन टॉप 5 में अपनी जगह नहीं बना सकी। इसके साथ ही भारत की ओर से इस साल ऑस्कर नामांकन की उम्मीदों को झटका लगा।
Homebound का निर्देशन Neeraj Ghaywan ने किया है और फिल्म में Ishaan Khatter, Vishal Jethwa और Janhvi Kapoor प्रमुख भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म दो बचपन के दोस्तों की कहानी कहती है, जिनका सपना पुलिस फोर्स में शामिल होना है। दोस्ती, जिम्मेदारी और युवाओं पर बढ़ते सामाजिक दबावों को बेहद संवेदनशील तरीके से फिल्म में पिरोया गया है।
हालांकि इस बार ऑस्कर नामांकन नहीं मिला, लेकिन Homebound का यहां तक पहुंचना भी अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है। अब तक इस श्रेणी में केवल तीन भारतीय फिल्मों को ही नामांकन मिला है — Mother India (1957), Salaam Bombay! (1988) और Lagaan (2001)। ऐसे में Homebound का अंतिम 15 फिल्मों की सूची में शामिल होना भारतीय सिनेमा की निरंतर मौजूदगी को दर्शाता है।

इस साल Best International Feature कैटेगरी में जिन फिल्मों ने नामांकन हासिल किया, उनमें ब्राजील की The Secret Agent, फ्रांस की It Was Just an Accident, नॉर्वे की Sentimental Value, स्पेन की Sirât और ट्यूनीशिया की The Voice of Hind Rajab शामिल हैं।
Homebound ने 21 नवंबर को Netflix पर रिलीज के साथ ही दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान खींचा। फिल्म को कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में सराहना मिली और इसे भावनात्मक रूप से बेहद सशक्त बताया गया। समीक्षाओं में खास तौर पर Ishaan Khatter और Vishal Jethwa की केमिस्ट्री की तारीफ की गई, जबकि Janhvi Kapoor के सधे हुए अभिनय को उनके करियर की गंभीर परफॉर्मेंस में गिना गया।
फिल्म का निर्माण Karan Johar, Adar Poonawalla, Apoorva Mehta और Somen Mishra ने किया है, वहीं इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने में Martin Scorsese जैसे दिग्गज का नाम Executive Producer के तौर पर जुड़ना भी चर्चा का विषय रहा।
भले ही ऑस्कर की अंतिम सूची में जगह न मिली हो, लेकिन Homebound ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय कहानियां अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहीं। यह फिल्म आने वाले समय में उन प्रोजेक्ट्स की राह आसान कर सकती है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आवाज बनना चाहते हैं।
