Sports
T20 World Cup 2026 से बाहर Yashasvi Jaiswal, BCCI पर उठे सवाल – “गलती उसकी नहीं, सिस्टम की है”
हर फॉर्मेट में रन, फिर भी बाहर! Yashasvi Jaiswal के चयन को लेकर क्यों भड़के दिग्गज और फैंस
भारतीय क्रिकेट में इन दिनों अगर किसी खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा है — और वह भी गलत वजहों से — तो वह हैं Yashasvi Jaiswal। T20 World Cup 2026 की तैयारी के बीच जब भारतीय टीम की दिशा तय हो रही है, तब यशस्वी का नाम बार-बार नजरअंदाज किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
जिस खिलाड़ी को पोस्ट-Rohit Sharma–Virat Kohli युग का सबसे भरोसेमंद ऑल-फॉर्मेट बल्लेबाज़ माना जा रहा था, वही आज “वन-फॉर्मेट खिलाड़ी” के टैग में फंसता दिख रहा है।
T20I से अचानक दूरी, वजह क्या?
Yashasvi Jaiswal ने आखिरी बार जुलाई 2024 में श्रीलंका दौरे पर T20 इंटरनेशनल खेला था। इसके बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी और यशस्वी से रेड बॉल क्रिकेट पर फोकस करने को कहा गया।
यानी वह बाहर इसलिए नहीं हुए क्योंकि उनका प्रदर्शन खराब था, बल्कि इसलिए क्योंकि सिस्टम ने उन्हें एक अलग दिशा में मोड़ दिया।
प्रदर्शन फिर भी सवालों से ऊपर
अगर आंकड़ों की बात करें तो यशस्वी के आखिरी पांच T20I स्कोर 93, 12, 40, 30 और 10 रहे हैं। इन पारियों में उनका स्ट्राइक रेट करीब 200 का रहा, जो मौजूदा टीम इंडिया की “अटैक एट ऑल कॉस्ट” नीति के बिल्कुल अनुरूप है।
और भी पढ़ें : IPL 2026: Preity Zinta का मास्टरस्ट्रोक! BBL में चमके Cooper Connolly, पंजाब किंग्स के लिए बन सकते हैं तुरुप का इक्का
इसके बावजूद T20 World Cup 2026 की चर्चा में उनका नाम पीछे धकेल दिया गया।
हर फॉर्मेट में कहानी वही
2024 में जब T20 World Cup खेला गया, तब अमेरिका और कैरेबियन की मुश्किल पिचों पर अनुभव को तरजीह दी गई और Rohit Sharma–Virat Kohli को प्राथमिकता मिली। यशस्वी को इंतजार करना पड़ा।
इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी के लिए वह 15 सदस्यीय टीम में तो शामिल हुए, लेकिन मुख्य कोच Gautam Gambhir की मांग पर चौथे स्पिनर की जरूरत बताकर उन्हें बाहर कर दिया गया।
वनडे फॉर्मेट में भी यही कहानी दोहराई गई। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाने के बावजूद 11 जनवरी को प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह नियमित कप्तान Shubman Gill को मिलनी तय मानी जा रही है।
दिग्गजों की खरी राय
पूर्व चयन समिति अध्यक्ष और दिग्गज बल्लेबाज़ Dilip Vengsarkar ने इस पूरे मामले पर साफ शब्दों में कहा,
“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यशस्वी को बार-बार बिना किसी गलती के बाहर किया जा रहा है। वह हर फॉर्मेट में शानदार फॉर्म में है। मुझे नहीं पता कि उसे और क्या करना होगा।”
उन्होंने यहां तक कह दिया,
“कोई भी मैच विनर खिलाड़ी को टीम से बाहर नहीं रख सकता।”

Vengsarkar ने यह भी माना कि मौजूदा चयन प्रक्रिया में फॉर्म और फिटनेस अहम है, लेकिन अगर उन्हें Gill की जगह किसी को चुनना होता, तो उनकी पहली पसंद Yashasvi Jaiswal ही होते।
आत्मविश्वास पर असर तय
T20 क्रिकेट में लय सबसे बड़ी पूंजी होती है। जब खिलाड़ी लगातार टीम से बाहर होता है, तो न सिर्फ उसका रिदम टूटता है, बल्कि आत्मविश्वास पर भी असर पड़ता है।
Vengsarkar ने साफ कहा कि अगर किसी खिलाड़ी को बार-बार यह एहसास दिलाया जाए कि उसकी जरूरत नहीं है, तो उसका मनोबल गिरना स्वाभाविक है।
आगे क्या?
पूर्व ओपनर और सम्मानित कोच WV Raman का मानना है कि चयन समिति अध्यक्ष Ajit Agarkar ने जरूर यशस्वी से बातचीत की होगी।
उनके मुताबिक, अब जबकि टीम चुनी जा चुकी है, यशस्वी को इंतजार करना होगा, लेकिन उनकी प्रतिभा ऐसी है कि वह आने वाले सालों में कई वर्ल्ड कप खेलेंगे।
सवाल अब भी कायम
यशस्वी जaiswal रविवार को 24 साल के हो जाएंगे। उम्र उनके पक्ष में है, टैलेंट उनके साथ है और आंकड़े उनकी गवाही देते हैं। फिर भी अगर उन्हें बार-बार बाहर बैठना पड़ रहा है, तो सवाल सिर्फ चयन का नहीं, चयन की सोच का भी है।
शायद इसीलिए Vengsarkar की आखिरी बात सबसे ज्यादा चुभती है —
“अगर मैं चयनकर्ता होता, तो मैं उसे ड्रॉप ही नहीं करता।”
