Politics
West Bengal Governor C.V. Ananda Bose का अचानक इस्तीफा, Mamata Banerjee ने जताई हैरानी
पद से हटने के बाद Mamata Banerjee ने संभावित उत्तराधिकारी R.N. Ravi का नाम भी इशारों‑इशारों में बताया
पश्चिम बंगाल के राजभवन में उठे अचानक राजनीतिक हलचल के बीच West Bengal Governor C.V. Ananda Bose ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। करीब ढाई से घटकर तीन और आधे साल की सेवा के बाद Bose ने कहा कि उन्होंने “Governor के कार्यालय में पर्याप्त समय व्यतीत कर लिया है”, लेकिन इस्तीफे के पीछे की सच्ची वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
दिल्ली में रहते हुए Bose ने PTI से बातचीत में केवल इतना कहा कि अब वे आगे बढ़ना चाहते हैं और अपने काम के लिए यह पर्याप्त समय था। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या केंद्रीय स्तर से किसी प्रकार का कोई राजनैतिक दबाव उन्हें हटाने के लिए था।
यह इस्तीफा उस समय आया है, जब West Bengal Assembly Elections कुछ ही हफ्तों दूर हैं। Trinamool Congress (TMC) चौथी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है, तो Bharatiya Janata Party (BJP) राज्य में सत्ता परिवर्तन का प्रयास कर रही है।
Mamata Banerjee ने इस फैसले पर गहरा आश्चर्य जताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस्तीफे का कारण ज्ञात नहीं है और यह भी संदेह जाहिर किया कि कहीं Union Home Minister ने राजनैतिक हितों के चलते Governor पर दबाव तो नहीं बनाया। Banerjee ने कहा, “ऐसे हालात में कोई भी हैरान हो सकता है, क्योंकि चुनाव की मुहिम के दौरान यह अचानक निर्णय कई सवाल खड़े करता है।”

इसी बीच Mamata Banerjee ने संकेत दिए कि उन्हें पहले से मालूम है कि Bose के स्थान पर कौन आ सकता है। Banerjee ने कहा कि Union Home Minister ने उन्हें यह सूचना दी कि R.N. Ravi को नया Governor बनाया जा रहा है, बिना उनसे परंपरागत परामर्श किए। उन्होंने इस कदम को संविधान की भावना के खिलाफ बताया और कहा कि केंद्र को संघीय ढांचे और राज्यों की गरिमा का सम्मान करना चाहिए।
R.N. Ravi, जो अब Tamil Nadu के Governor हैं, का Chief Minister M.K. Stalin के साथ भी संबंध खास नहीं रहे हैं। Interestingly, Tamil Nadu में भी हाल ही चुनावी तैयारी जोरों पर है। Ravi के Bengal Governor बने तो राजनीतिक हलचल और बढ़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब Bengal में सत्ता परिवर्तन की होड़ तेज है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Governor का इस्तीफा चुनावी माहौल को और गरमा सकता है, क्योंकि Governor का पद संवैधानिक होते हुए भी अपने समय के हिसाब से राजनीति की गरम गर्म खबरों में अक्सर आता रहा है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में किस प्रकार Bengal की राजनीति नए समीकरणों के साथ आगे बढ़ती है।
