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Zelensky बोले — Russia पर Sanctions हटाना ‘सही फैसला नहीं’, इससे Ukraine पर और Drones बरसेंगे
अमेरिका ने ईरान युद्ध के बीच Russia के तेल पर 30 दिन की Sanctions छूट दी। Ukraine के राष्ट्रपति Zelensky ने Paris में Macron के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले को गलत बताया। Germany के Chancellor Merz ने भी इसे “Wrong Decision” कहा।
पेरिस/कीव। ईरान युद्ध की आग में पश्चिम एशिया जल रहा है, लेकिन इसकी लपटें अब यूरोप की राजनीति तक भी पहुंच गई हैं। अमेरिका ने गुरुवार को एक ऐसा फैसला लिया जिसने Ukraine, Germany और यूरोप के कई देशों को चौंका दिया — Russia के तेल पर लगे Sanctions में 30 दिन की छूट देने का ऐलान।
यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ईरान युद्ध की वजह से Persian Gulf में तेल की Supply बाधित हो गई है और समुद्र में कई Russian Oil Tankers फंसे हुए हैं। अमेरिकी Treasury Department का तर्क है कि इससे वैश्विक तेल संकट को थोड़ी राहत मिलेगी।
लेकिन Ukraine के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky इससे बिल्कुल सहमत नहीं हैं।
Zelensky का सीधा हमला — “$10 अरब Russia की जेब में जाएंगे”
शुक्रवार को Paris में French President Emmanuel Macron के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में Zelensky ने बेबाकी से कहा कि यह Sanctions में ढील अकेले Russia को युद्ध के लिए करीब 10 अरब डॉलर दे सकती है। उनके शब्दों में — “यह निश्चित रूप से शांति में मदद नहीं करता।”
Zelensky ने आगे कहा कि Russia Energy की बिक्री से मिले पैसे सीधे हथियार खरीदने में लगाता है और वही हथियार Ukraine के खिलाफ इस्तेमाल होते हैं। उनका तंज भरा बयान था — “Sanctions इसलिए हटाना ताकि बाद में आप पर और Drones आकर गिरें — यह मेरी राय में सही फैसला नहीं है।”
Macron ने दी सफाई — Sanctions पूरी तरह नहीं हटे
France के राष्ट्रपति Macron ने इस मामले में थोड़ा संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह छूट “सीमित” है और “असाधारण आधार” पर दी गई है। Macron ने स्पष्ट किया कि Russia पर लगे व्यापक Sanctions अभी भी बरकरार हैं और अमेरिका के इस कदम से उन्हें स्थायी रूप से नहीं हटाया गया है।
Germany के Merz ने कहा — “यह गलत संकेत है”
Germany के Chancellor Friedrich Merz ने इस मामले पर और तीखा रुख अपनाया। Norway दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि G7 देशों के नेताओं ने इस हफ्ते की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के सामने Russian तेल और LNG Supply का मुद्दा उठाया था। G7 के छह सदस्यों ने एकमत होकर कहा था कि Sanctions हटाना सही संकेत नहीं होगा। लेकिन शुक्रवार की सुबह पता चला कि अमेरिका ने फिर भी यह फैसला कर लिया।
Merz ने कहा — “हमें लगता है यह गलत फैसला है।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब Supply की कोई समस्या नहीं है — सिर्फ कीमतों की समस्या है — तो अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया और इसके पीछे और क्या मकसद हैं।
Russia को फायदा, Ukraine को नुकसान — Analysts की राय
Analysts का कहना है कि ईरान युद्ध की वजह से Persian Gulf में तेल उत्पादन बाधित होने से Russia की Economy को अप्रत्याशित फायदा मिल रहा था — तेल की ऊंची कीमतों से Moscow की कमाई बढ़ रही थी। Sanctions की वजह से यह कमाई सीमित हो रही थी। लेकिन अब इस 30 दिन की छूट से Russia को और राहत मिलेगी जो सीधे उसकी War Funding में जाएगी।
Ukraine का Drone Offer — Trump ने ठुकराया

इस पूरे कूटनीतिक खींचतान के बीच एक और दिलचस्प मोड़ आया। Ukraine दुनिया के सबसे बेहतरीन Drone Interceptor बनाने वाले देशों में से एक बन चुका है। Zelensky ने बताया कि Kyiv ने अमेरिका और उसके Gulf Partners को Drone Defense में मदद की पेशकश की है।
लेकिन Trump ने Fox News Radio पर एक Interview में साफ कह दिया — “नहीं, हमें Drone Defense में उनकी मदद की जरूरत नहीं।”
Zelensky का दावा था कि Washington की तरफ से ही Drone Combat Assistance का अनुरोध आया था — दोनों नेताओं के बयानों में यह विरोधाभास हैरान करने वाला है।
Zelensky ने यह भी बताया कि अब तक छह देश Ukraine से Drone Expertise की मांग कर चुके हैं और तीन देशों में Ukraine की Expert Teams पहुंच भी चुकी हैं — हालांकि उन्होंने देशों के नाम नहीं बताए।
Ukraine-Russia वार्ता — अभी ठप, अगले हफ्ते शायद फिर शुरू
Zelensky ने यह भी बताया कि अमेरिका की मध्यस्थता में Russia और Ukraine के बीच जो शांति वार्ता चल रही थी, वह ईरान युद्ध के चलते फिलहाल रुकी हुई है। हालांकि अगले हफ्ते इसके फिर शुरू होने की संभावना है।
यूरोप की सबसे बड़ी जंग — जो पिछले चार साल से जारी है — अभी थमती नहीं दिख रही। और अब ईरान युद्ध ने इसमें एक नया और जटिल मोड़ जोड़ दिया है।
