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“Trump के नए 100% टैरिफ ने क्रिप्टो बाजार में भूचाल: बिटकॉइन 1,02,000 डॉलर पर”
महामहत्वपूर्ण हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर सामग्री पर नियंत्रण की दलील के बीच, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध ने क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को हिलाकर रख दिया।
दुनिया की सबसे अधिक चर्चित क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin), ने शुक्रवार को एक झटके में लगभग 1,02,000 डॉलर तक गिरावट दर्ज की, जब अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति Donald J. Trump ने चीन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की। इस कदम ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में बेचैनी फैला दी और क्रिप्टो लेनदेन में भारी परिसमापन (liquidation) की लहर चली।
टैरिफ की पृष्ठभूमि: क्यों इस समय चीन टारगेट?
Trump ने यह कदम इस तर्क के साथ उठाया कि चीन ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (rare earth minerals) और अन्य महत्वपूर्ण हार्डवेयर सामग्री पर भारी निर्यात नियंत्रण लगाने का प्रस्ताव पेश किया है — जो सेमीकंडक्टर और कंप्यूटर चिप निर्माण के लिए अनिवार्य हैं।
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उनका कहना था कि यह नियंत्रण चीन द्वारा वैश्विक तकनीकी आपूर्ति शृंखला पर आधिपत्य के प्रयासों का हिस्सा है। इसके जवाब में, अमेरिका ने प्रतिकार का रूप धारण किया और सभी चाइनीज़ वस्तुओं पर 100% टैरिफ लागू करने की घोषणा की।
क्रिप्टो में असर: बड़ी लिक्विडेशन और मंदी
- Binance पर BTC/USDT फ्यूचर्स जोड़ी में बिटकॉइन 1,02,000 डॉलर तक गिर गई — यह स्तर जून के अंत के बाद नहीं देखा गया था।
- CoinGlass के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कुल $9.40 बिलियन के क्रिप्टो पोजीशन लिक्विडेट की गई, जिनमें लगभग $7.15 बिलियन सिर्फ leveraged long पोजीशन पर थी।
- अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी जैसे Ether (ETH) और Solana (SOL) ने क्रमशः लगभग 12–14% की गिरावट दर्ज की।
- वैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग $3.64 ट्रिलियन हो गया है, जिसमें पिछले 24 घंटों में लगभग 11.8% की गिरावट आई।
Swan Bitcoin के सीईओ Cory Klippsten ने इस घटना को “classic macro whiplash” — यानी व्यापक आर्थिक दबाव का अचानक झटका — बताया और चेतावनी दी कि बिटकॉइन को कुछ हलचल झेलनी पड़ सकती है
नया अवसर या बढ़ती अनिश्चितता?
क्रिप्टो विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी तीव्र गिरावट अक्सर “कमज़ोर हाथों” को बाहर निकालने और बाजार की पोजीशन्स को रीसेट करने का अवसर देती है।
Juan Leon, Bitwise Invest के सीनियर इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेज़िस्ट, ने X (पूर्व Twitter) पर कहा कि “सबसे अच्छा समय BTC खरीदने का रहा है, जब इसे व्यापक बाजार दबावों के कारण नीचे खीचा गया हो।”
फिर भी, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यदि अमेरिका-चीन तनाव और बढ़े तो क्रिप्टो बाजार में और भी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।
भारत और हमारे निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
भारत में क्रिप्टो लेनदेन और निवेश अपेक्षाकृत सीमित और नियामक अनिश्चितताओं के अधीन है। लेकिन वैश्विक उथलपुथल का असर विदेशी निवेश, क्रिप्टो एक्सचेंजों की वापसी नीतियों और निवेशकों की भावनाओं पर दिखेगा।
उदाहरण के लिए, यदि विदेशी निवेशकों का भरोसा टूटता है, तो भारत में बिटकॉइन-सम्बंधित फंड और कंपनियाँ दबाव में आ सकती हैं। दूसरी ओर, यदि यह गिरावट “डुबकी खरीदने” का अवसर मानी जाए तो तकनीकी निवेशक सक्रिय हो सकते हैं।
डिजिटल मंचों पर सक्रिय रहने वाले लोग — जैसे CoinDesk, CoinTelegraph — इस तरह की घटनाओं को नियमित रूप से रिपोर्ट करते हैं।
निष्कर्ष
Trump के 100% टैरिफ की घोषणा ने क्रिप्टो बाजार को झटका दिया, बिटकॉइन और अन्य प्रमुख मुद्राएँ भारी दाब में आईं। लेकिन इतिहास बताता है कि ऐसे समय अक्सर नए अवसर भी साथ आते हैं — बशर्तु कि निवेशक सोच-समझकर कदम उठाएँ।

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