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AI बूम से ताइवान की बड़ी छलांग: शेयर बाजार में UK को पीछे छोड़ा
TSMC की दमदार ग्रोथ और AI निवेश की लहर ने ताइवान को बनाया दुनिया का सातवां सबसे बड़ा बाजार
वैश्विक शेयर बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां एशिया का छोटा-सा द्वीप देश Taiwan अब निवेश की दुनिया में बड़ी ताकत बनकर उभरा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज रफ्तार ने ताइवान के बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, ताइवान का कुल मार्केट कैप $4.14 ट्रिलियन तक पहुंच गया है, जिससे उसने United Kingdom को पीछे छोड़ दिया है, जिसका बाजार करीब $4.09 ट्रिलियन पर है। इस उपलब्धि के साथ ताइवान दुनिया का सातवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा नाम है Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC)। यह कंपनी अकेले ही ताइवान के कुल बाजार मूल्य का 40% से ज्यादा हिस्सा रखती है।
AI ने बदली ताइवान की किस्मत
TSMC की कमाई में जबरदस्त उछाल आया है, जो यह दिखाता है कि AI सप्लाई चेन में उसकी कितनी अहम भूमिका है। कंपनी ने इस साल डॉलर के हिसाब से 30% से ज्यादा ग्रोथ का अनुमान जताया है।
आज दुनिया में AI से जुड़ी हर बड़ी टेक कंपनी—चाहे चिप्स हों या डेटा सेंटर—कहीं न कहीं TSMC पर निर्भर है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
Taiex इंडेक्स ने बनाया रिकॉर्ड
ताइवान का प्रमुख शेयर बाजार इंडेक्स Taiex Index हाल ही में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। खास बात यह है कि ईरान युद्ध से जुड़े वैश्विक तनाव के बाद आई गिरावट को इस इंडेक्स ने पूरी तरह रिकवर कर लिया है।
अप्रैल में ही इस इंडेक्स में करीब 16% की तेजी आई और लगातार 8 दिनों तक बढ़त दर्ज की गई—जो 2025 के बाद सबसे लंबी रैली है।
विदेशी निवेशकों ने भी ताइवान पर बड़ा दांव लगाया है। अप्रैल में करीब $8.9 बिलियन का निवेश आया, जो इस बाजार में मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
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UK क्यों पीछे रह गया?
दूसरी तरफ, FTSE 100 Index में उतनी तेजी नहीं दिखी। इस महीने इसमें 4% से भी कम बढ़त रही।
इसके पीछे कई कारण हैं—
- महंगाई (Inflation) का दबाव
- ऊंची ब्याज दरें
- भू-राजनीतिक तनाव का असर
इसके अलावा, UK के शेयर बाजार में घरेलू निवेशकों की भागीदारी भी घट रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब करीब 68% UK इक्विटी विदेशी निवेशकों के पास है, जबकि 1994 में यह आंकड़ा सिर्फ 17% था।

फिर भी UK में उम्मीद बाकी
हालांकि, UK बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। Goldman Sachs, HSBC और Barclays जैसे बड़े संस्थान अभी भी FTSE 100 को एक सुरक्षित निवेश विकल्प मान रहे हैं।
ऊर्जा और कमोडिटी सेक्टर में UK की मजबूत पकड़ उसे वैश्विक अनिश्चितताओं के समय एक ‘सेफ हेवन’ बना सकती है।
निष्कर्ष: AI ही भविष्य की असली ताकत
ताइवान की इस सफलता से एक बात साफ हो गई है—भविष्य उन्हीं देशों का है जो टेक्नोलॉजी, खासकर AI में निवेश कर रहे हैं।
जहां एक तरफ AI ने ताइवान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, वहीं पारंपरिक अर्थव्यवस्थाओं को अब खुद को बदलने की जरूरत है।
