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Indore शतक के बाद Virat Kohli पर Sunil Gavaskar का बड़ा बयान ‘इमेज से बंधे नहीं रन बनाना ही काम’
New Zealand से हार के बीच Kohli की जुझारू पारी ने फिर दिखाया क्यों वह सबसे अलग हैं
Indore में खेले गए निर्णायक वनडे मुकाबले में India को भले ही New Zealand के हाथों हार झेलनी पड़ी हो, लेकिन एक बार फिर Virat Kohli ने यह साबित कर दिया कि मुश्किल हालात में टीम की असली उम्मीद वही क्यों होते हैं। 338 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए Kohli ने दबाव के बीच शानदार 124 रन बनाए और आखिरी तक संघर्ष करते रहे, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहने के कारण यह पारी भी जीत में तब्दील नहीं हो सकी।
India की पारी के दौरान कई बल्लेबाज़ जल्दबाज़ी में शॉट खेलते हुए आउट हुए, जिससे रन रेट का दबाव Kohli पर बढ़ता चला गया। इसके बावजूद Kohli ने संयम नहीं खोया और परिस्थिति के अनुसार खेलते रहे। जब लक्ष्य बहुत दूर हो गया, तब उन्होंने बड़े शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन लॉन्ग-ऑफ पर Daryl Mitchell ने कैच पकड़कर India की उम्मीदों पर विराम लगा दिया। India की टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई और मुकाबला 41 रन से हार गई।
इस पारी के बाद भारत के महान बल्लेबाज़ Sunil Gavaskar ने Kohli की जमकर तारीफ की। Gavaskar का मानना है कि Kohli की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह किसी भी तरह की ‘इमेज’ या टैग से बंधकर नहीं खेलते। उनके अनुसार Kohli सिर्फ एक ही चीज़ पर फोकस करते हैं—मौके की मांग और रन बनाना।
Sunil Gavaskar ने कहा कि कई बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ अपनी एक तय छवि में फंसे रहते हैं, जिससे वे परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाते। लेकिन Kohli इस सोच से बिल्कुल अलग हैं। कभी वह संभलकर पारी की शुरुआत करते हैं, तो कभी जरूरत पड़ने पर शुरू से आक्रामक खेल दिखाते हैं। उनके लिए सबसे अहम काम हालात को समझना और टीम के लिए रन जुटाना है, यही वजह है कि वह इतने सालों तक लगातार प्रदर्शन कर पाए हैं।

Gavaskar ने Kohli के स्वभाव और मानसिक मजबूती पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक Kohli कभी यह सोचकर नहीं खेलते कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है। वह इस दबाव में नहीं आते कि उन्हें हर गेंद पर छक्का मारना है। जरूरत हो तो वह गेंद छोड़ते हैं, सिंगल लेते हैं और पारी को आगे बढ़ाते हैं। यही संतुलन और धैर्य उन्हें खास बनाता है।
पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि Kohli कभी हार नहीं मानते। आखिरी गेंद तक वह जीत की कोशिश करते रहते हैं। Indore में भी थकान और पसीने के कारण शॉट पूरी तरह टाइम नहीं हो सका, लेकिन प्रयास में कोई कमी नहीं थी। Gavaskar के अनुसार यही जज्बा युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा सबक है।
उनका मानना है कि युवा क्रिकेटरों को Kohli से यह सीखना चाहिए कि किसी इमेज को निभाने के बजाय मैच की स्थिति के अनुसार खेलना ज्यादा जरूरी है। अगर खिलाड़ी हालात के हिसाब से फैसले लेना सीख जाएं, तो उनकी निरंतरता अपने आप बेहतर हो जाएगी।
भले ही यह पारी India को जीत न दिला सकी हो, लेकिन यह साफ हो गया कि मौजूदा दौर में Virat Kohli की फॉर्म, सोच और प्रतिबद्धता टीम के लिए किसी भी चिंता का विषय नहीं है। असली चुनौती यह है कि बाकी बल्लेबाज़ भी ऐसे दबाव भरे मौकों पर जिम्मेदारी लेना सीखें।
