Government Schemes
11 साल में ₹25,160 करोड़ के दावे निपटाए गए: PMJJBY और PMSBY ने करोड़ों परिवारों को दिया सुरक्षा कवच
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा — जन सुरक्षा योजनाओं ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को मुश्किल समय में आर्थिक सहारा दिया
केंद्र सरकार की जन सुरक्षा योजनाएं अब देश के करोड़ों लोगों के लिए बड़ा आर्थिक सहारा बन चुकी हैं। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने शनिवार को जानकारी दी कि साल 2015 में शुरू की गई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) के तहत अब तक कुल ₹25,160 करोड़ से ज्यादा के क्लेम सेटल किए जा चुके हैं।
सरकार के मुताबिक इन योजनाओं का उद्देश्य कम आय वाले और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बेहद कम प्रीमियम पर बीमा और पेंशन सुरक्षा देना था। पिछले 11 वर्षों में इन योजनाओं का दायरा तेजी से बढ़ा है और अब करोड़ों लोग इससे जुड़ चुके हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि PMJJBY के तहत अब तक 27 करोड़ से ज्यादा लोगों ने नामांकन कराया है। इस योजना के जरिए 10.7 लाख से ज्यादा परिवारों को ₹21,500 करोड़ से अधिक का क्लेम दिया गया। यह योजना किसी भी कारण से मृत्यु होने पर परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देती है। इसकी सालाना प्रीमियम राशि केवल ₹436 है।
वहीं PMSBY योजना के तहत 58 करोड़ से ज्यादा नामांकन हुए हैं। इस योजना में दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में बीमा कवर मिलता है। अब तक 1.84 लाख से ज्यादा परिवारों को लगभग ₹3,660 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। इस योजना का सालाना प्रीमियम केवल ₹20 रखा गया है, जिससे गरीब और ग्रामीण इलाकों के लोग भी आसानी से जुड़ पा रहे हैं।
अटल पेंशन योजना (APY) की बात करें तो इसमें 9 करोड़ से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं। यह योजना खासतौर पर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए शुरू की गई थी, ताकि 60 साल की उम्र के बाद उन्हें निश्चित मासिक पेंशन मिल सके।
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सरकार का कहना है कि डिजिटल सिस्टम और ऑनलाइन पोर्टल की वजह से अब लोगों को योजना में शामिल होने और क्लेम पाने में पहले से काफी आसानी हो रही है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि अब ऑनलाइन जन सुरक्षा पोर्टल के जरिए लोग घर बैठे इन योजनाओं में नामांकन कर सकते हैं और क्लेम प्रक्रिया भी तेजी से पूरी हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बीते कुछ वर्षों में बढ़ती महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के बीच कम प्रीमियम वाली ये योजनाएं आम परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बनकर उभरी हैं। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में इन योजनाओं का प्रभाव तेजी से देखने को मिला है।
