Breaking News,
“आखिर राज्य का दर्जा कब मिलेगा?”—Omar Abdullah ने केंद्र से फिर पूछा बड़ा सवाल
राजौरी रैली में वादों की याद दिलाई, कहा—“तीन चरणों का वादा था, अब इंतजार क्यों लंबा?”
जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक माहौल में एक बार फिर राज्य के दर्जे को लेकर बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर जनता से किए गए वादों को पूरा करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
राजौरी जिले के नौशेरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए तीन चरणों की प्रक्रिया बताई थी—पहले परिसीमन, फिर चुनाव और उसके बाद राज्य का दर्जा बहाल करना। लेकिन अब हालात यह हैं कि दो चुनाव (लोकसभा और विधानसभा) भी हो चुके हैं, फिर भी राज्य का दर्जा वापस नहीं मिला।
ओमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि “जब सुप्रीम कोर्ट, संसद और चुनावी रैलियों में एक ही बात दोहराई जाती है, तो क्या वह वादा इतना हल्का होता है कि उसे बाद में बदल दिया जाए?” उनका यह बयान सीधे तौर पर केंद्र सरकार की मंशा और टाइमलाइन पर सवाल उठाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 2024 में चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं, लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी राज्य का दर्जा वापस नहीं आया है। ऐसे में लोगों के बीच असमंजस और नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है।

उदाहरण के तौर पर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक अधिकारों को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है, जिससे विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। कई लोग इसे सिर्फ राजनीतिक वादा मानकर अब सवाल उठाने लगे हैं कि आखिर “अगला कदम कब आएगा?”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में और भी बड़ा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है, खासकर तब जब जनता के बीच वादों और वास्तविकता के बीच अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ओमर अब्दुल्ला के इस बयान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है।
और पढ़ें- DAINIK DIARY
