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50 की उम्र में भी फिटनेस का राज़! महेश बाबू का 5-6 मील प्लान और हेल्दी डाइट ने किया सबको हैरान
बिना क्रैश डाइट और एक्सट्रीम वर्कआउट के, महेश बाबू ने बनाया ऐसा फिटनेस रूटीन जो युवाओं के लिए बन गया प्रेरणा
50 की उम्र में जहां कई लोग फिटनेस को लेकर ढीले पड़ जाते हैं, वहीं साउथ सुपरस्टार महेश बाबू ने साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। फिल्मों में उनकी एनर्जी, टोंड बॉडी और ग्लोइंग लुक्स देखकर कोई भी अंदाज़ा नहीं लगा सकता कि वे 50 के हो चुके हैं। इसके पीछे का राज़ कोई क्रैश डाइट या जल्दी वजन घटाने वाला ट्रेंड नहीं, बल्कि उनका संतुलित और स्थिर फिटनेस रूटीन है।
उनके पर्सनल फिटनेस ट्रेनर कुमार मन्नावा के अनुसार, महेश बाबू दिन में 5 से 6 बार खाना खाते हैं, जिसमें दो सप्लीमेंट शेक भी शामिल होते हैं। उनका मानना है कि शरीर को लगातार पोषण मिलता रहे, ताकि एनर्जी लेवल और मेटाबॉलिज्म संतुलित रहे।
सुबह की शुरुआत होती है पौष्टिक “मश” से
महेश का ब्रेकफास्ट बेहद खास होता है। वह सुबह ओट्स, अंडे, ड्राई-फ्रूट्स और फलों से बने एक हेल्दी “मश” से दिन की शुरुआत करते हैं। यह कॉम्बो उन्हें कार्ब्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का सही मिश्रण देता है, जिससे वर्कआउट और दिनभर की गतिविधियों के लिए ऊर्जा मिलती है।
प्रोटीन से भरपूर लंच, क्लीन डिनर
लंच में वह चिकन, लैम्ब या फिश जैसी लीन मीट्स खाते हैं, साथ में ब्राउन राइस, क्विनोआ या खसखस जैसे हेल्दी कार्ब्स शामिल होते हैं।
डिनर में वह बहुत हल्का भोजन लेते हैं—आमतौर पर होल-व्हीट या ब्राउन ब्रेड के साथ एग या चिकन।
पसंदीदा खाने की भी जगह
सबसे खास बात यह है कि महेश बाबू अपनी डाइट में पूरी तरह से पसंदीदा खाने को नहीं छोड़ते। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कभी-कभार पूरी, डोसा और इडली भी खाते हैं। उनका फिटनेस मंत्र है—
“कुछ भी खाओ, लेकिन सही मात्रा में।”
यही बैलेंस उन्हें लंबे समय तक फिट बनाए रखता है।

फिटनेस उनके लिए जीवनशैली
महेश हफ्ते में पांच दिन वर्कआउट करते हैं, और हर सेशन अलग बॉडी पार्ट पर फोकस होता है। वर्कआउट के बाद लंबी स्ट्रेचिंग सेशन उनके रूटीन का जरूरी हिस्सा है, जो उन्हें लचीला और चोटों से दूर रखता है।
क्यों है उनका रूटीन खास?
आज जब कई लोग त्वरित परिणामों के लिए कठिन डाइट और एक्सट्रीम वर्कआउट अपनाते हैं, महेश का तरीका एक संतुलित और टिकाऊ लाइफस्टाइल पर आधारित है।
उनकी फिटनेस फिलॉसफी यह सिखाती है कि—
- नियमितता
- संयम
- सही पोषण
- और स्थिर रूटीन
लंबे समय तक स्वस्थ और फिट रहने की असली कुंजी हैं।
महेश बाबू का यह रूटीन युवाओं और 40+ लोगों के लिए प्रेरणा है, जो स्वस्थ और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं बिना खुद को थकाए या नुकसान पहुंचाए।
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