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LPG सप्लाई पर घबराने की जरूरत नहीं: सरकार ने अफवाहों को बताया गलत, सप्लाई पूरी तरह स्थिर

तेल मंत्रालय का बड़ा बयान—भारत में एलपीजी उत्पादन और आयात दोनों मजबूत, रोजाना लाखों सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य

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एलपीजी सिलेंडरों की नियमित डिलीवरी के बीच देशभर में स्थिर आपूर्ति व्यवस्था और मजबूत होती गैस सप्लाई चेन

देश में एलपीजी (LPG) की सप्लाई को लेकर हाल ही में फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट जवाब दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि मीडिया में चल रही “एलपीजी संकट” की खबरें भ्रामक हैं और देश में गैस आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है।

मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अपनी एलपीजी सप्लाई को सुरक्षित और स्थिर रखने के लिए पिछले कुछ वर्षों में कई देशों से आयात स्रोतों को विविध किया है। इसमें अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देश शामिल हैं। सरकार ने यह भी बताया कि करीब 800 TMT (हज़ार मीट्रिक टन) एलपीजी पहले ही सुरक्षित कर ली गई है, जो लगातार देश में पहुंच रही है।

दिलचस्प बात यह है कि जहां सोशल मीडिया पर कमी की आशंका को लेकर चर्चाएं तेज थीं, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मंत्रालय ने साफ कहा कि घरेलू स्तर पर गैस की सप्लाई सामान्य रूप से चल रही है और किसी भी तरह की कमी नहीं है।

एक अहम कदम के तहत 9 मार्च 2026 को जारी LPG Control Order के बाद रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसके परिणामस्वरूप देश में रोजाना एलपीजी उत्पादन लगभग 40% बढ़कर करीब 50 TMT तक पहुंच गया है। जबकि देश की कुल दैनिक मांग लगभग 80 TMT के आसपास रहती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन औसतन 50 लाख से अधिक LPG सिलेंडर देशभर में वितरित किए जा रहे हैं और मार्च महीने में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर सप्लाई बाधित नहीं हुई। बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक का समय भी सामान्य 5–6 दिनों के दायरे में ही बना हुआ है।

सरल शब्दों में कहें तो सिस्टम पूरी तरह सुचारू रूप से काम कर रहा है—जैसे किसी शहर में ट्रैफिक लाइट सही तरीके से चल रही हों और गाड़ियाँ बिना रुकावट आगे बढ़ रही हों।

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पिछले एक दशक में भारत ने LPG इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत किया है। मंत्रालय के अनुसार, देश में LPG कनेक्शनों की संख्या 145.2 मिलियन से बढ़कर 333.9 मिलियन तक पहुंच गई है। इसी तरह डिस्ट्रीब्यूटर्स की संख्या भी 13,896 से बढ़कर 25,607 हो गई है।

इसका मतलब यह है कि आज भारत की गैस सप्लाई प्रणाली पहले की तुलना में कहीं ज्यादा व्यापक और मजबूत हो चुकी है। सरकार का कहना है कि यही कारण है कि किसी भी वैश्विक या घरेलू झटके के बावजूद सप्लाई को स्थिर रखा जा सकता है।

मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया कि कुछ तत्व जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।

कुल मिलाकर, मौजूदा स्थिति यह दिखाती है कि भारत की LPG सप्लाई चेन न केवल स्थिर है, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर भी हो चुकी है। आने वाले समय में बढ़ती मांग के बावजूद सिस्टम के दबाव में आने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

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