LPG
Mumbai में LPG संकट: रेस्टोरेंट बढ़ा रहे दाम, अब वड़ा पाव से लेकर केक तक महंगा
एलपीजी की कमी ने शहर के खान-पान उद्योग को झटका दिया, 10–20% तक बढ़े रेस्टोरेंट बिल
मुंबई में एलपीजी की कमी ने शहर के रेस्टोरेंट और बेकरी व्यवसायों को परेशान कर दिया है। अब इसका असर सीधे आपके बिल पर दिखने लगा है। वड़ा पाव स्टॉल से लेकर सदी पुराने बेकरी तक, सभी जगह खाने-पीने की कीमतें बढ़ रही हैं।
भारतीय होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR) के अध्यक्ष और लोअर परेल के उडुपी श्रीकृष्णा के मालिक विजय शेट्टी के अनुसार, मुंबई के अधिकांश रेस्टोरेंट पहले ही अपने दामों में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुके हैं।
उन्होंने बताया, “सब्जियां, खाने का तेल, डिलीवरी के लिए प्लास्टिक कंटेनर, और इन्डक्शन स्टोव जो हमें अचानक खरीदने पड़े — इन सब ने लागत बढ़ा दी है। हमारी सदस्य कंपनियों में क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR), शाकाहारी रेस्टोरेंट, परमिट रूम और फाइन डाइनर शामिल हैं, और सभी ने दाम बढ़ाए हैं।”
विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी की कमी के कारण खाना पकाने की लागत इतनी अधिक हो गई है कि रेस्टोरेंट इसे अब और लंबे समय तक अपने नुकसान पर नहीं झेल सकते। ग्राहकों को अब अपने पसंदीदा स्नैक्स और डिश के लिए अधिक भुगतान करना होगा।

साथ ही, शहर के छोटे स्टॉल और घर जैसा खाना परोसने वाले रेस्टोरेंट भी इस संकट से प्रभावित हैं। कई जगहों पर एलपीजी की उपलब्धता सीमित होने के कारण रेस्टोरेंट को वैकल्पिक उपाय अपनाने पड़ रहे हैं, जैसे कि इलेक्ट्रिक स्टोव का इस्तेमाल या सीमित मेनू।
खान-पान विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एलपीजी की आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में मुंबई के रेस्टोरेंट और बेकरी उद्योग में और बढ़ोतरी संभव है। इस संकट ने यह भी दिखा दिया कि किस तरह ईंधन की कमी सीधे उपभोक्ता की जेब पर असर डाल सकती है।
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