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IndiGo ने यात्रियों को दिया बड़ा झटका! हवाई सफर हुआ महंगा, जानें कितना बढ़ा किराया
ATF की कीमतों में 25% की बढ़ोतरी के बाद IndiGo ने Fuel Surcharge में किया इजाफा — घरेलू उड़ानों पर ₹275 से ₹950 और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ₹900 से ₹10,000 तक का अतिरिक्त शुल्क लागू।
अगर आप इन दिनों हवाई यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने हवाई टिकटों पर Fuel Surcharge यानी ईंधन अधिभार बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा — चाहे आप देश के भीतर उड़ें या विदेश जाएं।
क्यों बढ़ा किराया?
दरअसल, Ministry of Petroleum ने बुधवार को Aviation Turbine Fuel (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमतों में 25% की बढ़ोतरी कर दी। यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई तेज उछाल की वजह से की गई है, जिसके पीछे US-Iran युद्ध की स्थिति को बड़ा कारण माना जा रहा है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को राहत देने के लिए पूरा बोझ नहीं डाला गया — केवल ₹15 प्रति लीटर की आंशिक बढ़ोतरी एयरलाइंस को दी गई है।
Ministry of Petroleum ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “घरेलू यात्रा लागत को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बड़े उछाल से बचाने के लिए PSU Oil Marketing Companies ने Ministry of Civil Aviation के साथ मिलकर केवल आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू की है।”
IndiGo का नया Fuel Charge स्ट्रक्चर
IndiGo ने 2 April 2026 की रात 12:01 बजे से नया किराया ढांचा लागू किया है। घरेलू उड़ानों में दूरी के हिसाब से Fuel Charge तय किया गया है:

- 500 किलोमीटर से कम दूरी — ₹275
- 500 से 1,000 किलोमीटर — ₹500 (अनुमानित)
- 1,000 से 2,000 किलोमीटर — ₹700 (अनुमानित)
- 2,000 किलोमीटर से अधिक — ₹950
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह चार्ज ₹900 से शुरू होकर ₹10,000 तक जाता है। सबसे ज्यादा असर UK और Europe (Greece और Turkey को छोड़कर) जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा, जहां Fuel Surcharge ₹10,000 तक लगाया जाएगा।
पहले से ही महंगे थे टिकट
यह पहली बार नहीं है जब IndiGo ने Fuel Charge बढ़ाया हो। 14 March से ही एयरलाइन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टिकटों पर ₹425 से ₹2,300 तक का ईंधन शुल्क वसूल रही थी — और वह भी US-Iran युद्ध की वजह से तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद।
आम यात्री पर क्या असर?
एयरलाइन कंपनियों की कुल परिचालन लागत में ईंधन का हिस्सा करीब 40% होता है। ऐसे में ATF की कीमत बढ़ते ही एयरलाइंस उसका बोझ यात्रियों पर डाल देती हैं। IndiGo जैसी बड़ी एयरलाइन के इस कदम के बाद अन्य एयरलाइंस भी इसी राह पर चल सकती हैं।
अगर आपका कोई हवाई टिकट बुक करने का प्लान था, तो समझ लीजिए — जितनी देर करेंगे, उतना महंगा पड़ सकता है।
