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Cricket कनाडा पर ICC की बड़ी जांच: T20 वर्ल्ड कप मैच और लीक कॉल बने शक की वजह
भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग के आरोपों की जांच शुरू, टीम चयन में दबाव और वित्तीय गड़बड़ी भी रडार पर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां International Cricket Council (ICC) ने Cricket Canada के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
यह मामला हाल ही में भारत और श्रीलंका में खेले गए ICC Men’s T20 World Cup से जुड़ा हुआ है, जिसमें कनाडा के एक मैच को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
T20 वर्ल्ड कप मैच पर उठे सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई में खेले गए कनाडा बनाम New Zealand मैच के एक ओवर ने संदेह पैदा किया है।
कनाडा के कप्तान Dilpreet Bajwa द्वारा डाले गए उस ओवर में:
- एक नो-बॉल
- एक वाइड
- और कुल 15 रन खर्च हुए
इस ओवर ने मैच का रुख बदल दिया और न्यूजीलैंड ने मुकाबला आसानी से 8 विकेट से जीत लिया।
लीक फोन कॉल से मचा हड़कंप
जांच का दूसरा बड़ा पहलू एक लीक फोन कॉल रिकॉर्डिंग है, जिसमें पूर्व कोच Khurram Chohan ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने दावा किया कि क्रिकेट कनाडा के वरिष्ठ अधिकारी टीम चयन में दखल देते थे और कुछ खास खिलाड़ियों को शामिल करने का दबाव बनाते थे।
इस ऑडियो में मैच फिक्सिंग के प्रयासों की भी बात सामने आई है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पूर्व कोच ने भी लगाए आरोप
डॉक्यूमेंट्री में पूर्व कोच Pubudu Dassanayake ने भी खुलासा किया कि उन्हें 2024 T20 वर्ल्ड कप से पहले टीम चयन को लेकर दबाव झेलना पड़ा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि आदेश न मानने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। बाद में उन्होंने बोर्ड के खिलाफ गलत तरीके से हटाए जाने का केस भी दर्ज किया।
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ICC की एंटी-करप्शन यूनिट सक्रिय
ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) इस समय दो अलग-अलग मामलों की जांच कर रही है, जिनमें:
- इंटरनेशनल और डोमेस्टिक लेवल पर नियमों का उल्लंघन
- क्रिकेट कनाडा के प्रशासनिक फैसले
दोनों शामिल हैं।
हालांकि, ICC ने साफ किया है कि जांच पूरी होने तक वह किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं करेगा।

प्रशासनिक और वित्तीय गड़बड़ियां भी सामने
क्रिकेट कनाडा पहले से ही विवादों में रहा है।
- CEO की विवादित नियुक्ति
- बोर्ड में बार-बार बदलाव
- खिलाड़ियों को समय पर भुगतान न होना
जैसे मुद्दे पहले ही सामने आ चुके हैं।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ खिलाड़ियों को लंबे समय तक कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिले और बाद में उन्हें बेहद कम रिटेनर पर रखा गया।
निष्कर्ष
क्रिकेट जैसे खेल में पारदर्शिता और ईमानदारी सबसे अहम होती है। ऐसे में क्रिकेट कनाडा पर लगे ये आरोप न सिर्फ उसकी साख को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पूरे खेल पर सवाल खड़े करते हैं।
अब सभी की नजर ICC की जांच पर है, जो तय करेगी कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।
