Crime
9 साल की बच्ची के साथ UP में दरिंदगी, Bhumi Pednekar बोलीं, “हम शर्मिंदा क्यों नहीं हैं?”
Ballia में 9 साल की Dalit बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबर ने Bhumi Pednekar को झकझोर दिया — उन्होंने लिखा, “यह एक टूटे हुए समाज की त्रासदी है।”
कुछ खबरें पढ़कर मन सुन्न हो जाता है — और सवाल उठता है कि हम किस समाज में जी रहे हैं। UP के Ballia ज़िले के Haldi इलाके से एक ऐसी ही खबर आई है जिसे सुनकर हर इंसान का दिल दहल जाए।
Police के अनुसार एक 9 साल की Dalit बच्ची के साथ उसी गाँव के दो नाबालिग लड़कों ने कथित तौर पर gang-rape किया। मामला दर्ज हो गया है और जाँच जारी है।
इस खबर पर Bhumi Pednekar ने अपनी चुप्पी तोड़ी।
“क्या हो रहा है हमारे साथ — हम alarm क्यों नहीं हैं?”
Bhumi ने Instagram Stories पर इस case की details share करते हुए लिखा — “Please read! एक 9 साल की बच्ची के साथ 11 और 12 साल के लड़कों ने यौन उत्पीड़न किया।”
और फिर उन्होंने वो बात कही जो सबसे ज़्यादा सोचने पर मजबूर करती है — “यह क्या हो रहा है! हम alarm और शर्मिंदा क्यों नहीं हैं — अपने बच्चों के साथ जो हो रहा है उस पर। मेरी नज़र में वो छोटी बच्ची और वो लड़के — दोनों एक टूटे हुए समाज के शिकार हैं।”
और भी पढ़ें : Ranveer हमारे पास आ सकते थे CINTAA President Poonam Dhillon ने Don 3 विवाद और FWICE के ‘ban’ पर जताई नाराज़गी
यह perspective — कि अपराध करने वाले बच्चे भी उसी टूटे हुए system की उपज हैं — एक गहरी और ज़रूरी बात है।
यह पहली बार नहीं — Bhumi बार-बार उठाती हैं आवाज़
Bhumi पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे मुद्दों पर बोल रही हैं।
कुछ दिन पहले एक video सामने आया था जिसमें कुछ लड़के एक महिला की wall painting पर अश्लील हरकतें कर रहे थे। Bhumi ने लिखा था — “यही मानसिकता है। यही लोग आगे चलकर महिलाओं और बच्चों के साथ violence करते हैं। हम एक pandemic में हैं। सिर्फ शर्म जताना काफी नहीं — stricter laws, stricter laws, stricter laws।”

और January में Delhi में एक 6 साल की बच्ची के साथ कथित gang-rape की खबर पर उन्होंने कहा था — “समाज fail हो रहा है क्योंकि लोगों को लगता है कि वो sexual violence से बच सकते हैं।”
समाज को एक आईना दिखाती Bhumi
Bhumi की यह आवाज़ सिर्फ एक celebrity की reaction नहीं है — यह उस बेचैनी की अभिव्यक्ति है जो हर ज़िम्मेदार नागरिक को होनी चाहिए। बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराध, कमज़ोर होता law enforcement, और एक समाज जो जागता नहीं जब तक कोई celebrity न बोले — यह सब मिलकर एक dangerous pattern बना रहे हैं।
Stricter laws ज़रूरी हैं। लेकिन उससे भी ज़रूरी है — एक ऐसा माहौल जहाँ बच्चे safe हों, घर में भी और बाहर भी।
