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95 रनों की तूफ़ानी पारी से अजिंक्य रहाणे ने उड़ा दिया ओडिशा का किला, मुंबई ने धमाकेदार जीत के साथ सुपर लीग में जगह पक्की की
एकाना स्टेडियम में रहाणे की क्लासिक आक्रामक बल्लेबाज़ी, कप्तान शार्दुल ठाकुर के दो मेडन ओवर और ओडिशा की टॉप ऑर्डर की नाकामी—मुंबई का विजयी रथ रुका ही नहीं।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सोमवार का दिन पूरी तरह मुंबई के नाम रहा। एकाना क्रिकेट स्टेडियम में मौजूदा चैंपियन ने ओडिशा को सिर्फ 9 विकेट से रौंदते हुए ग्रुप-A में टॉप पर रहते हुए सुपर लीग में आसान एंट्री कर ली।
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे अजिंक्य रहाणे, जिन्होंने अपने खास अंदाज़ में एक ऐसी पारी खेली, जिसने दर्शकों को पुराने रहाणे की याद दिला दी—क्लासिक शॉट्स, बेहतरीन टाइमिंग और अजेय आत्मविश्वास।
रहाणे की 95 रन की करारी चोट: 26 गेंदों में पचासा, फिर तूफ़ान*
168 रन का लक्ष्य ओडिशा के गेंदबाजों ने सोचा था कि शायद चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन रहाणे ने इसे नेट प्रैक्टिस जैसा आसान बना दिया।
- सिर्फ 26 गेंदों में अर्धशतक,
- हर तरह के शॉट—फ़्लिक, कट, पुल—
- और अंत तक 95 रन की नाबाद पारी*
यह पारी उनके करियर की सबसे स्टाइलिश T20 पारियों में गिनी जाएगी। रहाणे लगातार तीसरे T20 शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन टीम को जिताने के लिए उन्होंने जोखिम से बचते हुए संयम भी दिखाया।
शार्दुल ठाकुर की कप्तानी और शुरुआती दबदबा
मुंबई की जीत की नींव बल्लेबाज़ी से पहले गेंदबाज़ी ने रखी।
कप्तान शार्दुल ठाकुर ने शुरुआत में ही दो मेडन ओवर डालकर ओडिशा की कमर तोड़ दी। पावरप्ले में ओडिशा पूरी तरह दबाव में रहा और रन बनाने के लिए तरसता दिखाई दिया।
कई विशेषज्ञों ने मैच के बाद कहा—
“शार्दुल की यह स्पेल अगर इंटरनेशनल मैच में होती, तो उसे गेम-चेंजर कहा जाता।”
ओडिशा की बल्लेबाज़ी: शुरुआत से अंत तक लड़खड़ाती हुई
ओडिशा की टीम 168 तक पहुंचने में सफल तो हुई, लेकिन यह स्कोर कभी भी मुंबई जैसी मजबूत टीम को रोक पाने लायक नहीं था।
ओपनर्स पिच पर टिक न सके, मिडिल ऑर्डर ने कुछ हाथ ज़रूर दिखाए, लेकिन गति और लय दोनों गायब थे।
अंत में स्कोर बोर्ड पर लगे 168 रन रहाणे के सामने बेहद छोटे लग रहे थे।

मुंबई की बल्लेबाज़ी: एकतरफा अंदाज़, कोई जल्दबाज़ी नहीं
लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई के बल्लेबाज़ों ने एक पल भी घबराहट नहीं दिखाई।
रहाणे और दूसरे छोर पर साथी खिलाड़ी ने शांत दिमाग से खेलते हुए रन की बरसात की।
मुंबई का T20 सेटअप इन दिनों बेहद मजबूत दिख रहा है—अनुभव + युवाओं का कॉम्बिनेशन विपक्ष के लिए लगातार सिरदर्द बना हुआ है।
सुपर लीग में एंट्री—लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी
ग्रुप स्टेज में मुंबई का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन अब असली चुनौती सुपर लीग में मिलेगी, जहाँ कर्नाटक, तमिलनाडु और दिल्ली जैसी टीमें कड़ी टक्कर देने को तैयार हैं।
रहाणे की फॉर्म मुंबई के लिए बड़ा प्लस है, वहीं शार्दुल की कप्तानी भी मैच दर मैच मजबूत होती जा रही है।
निष्कर्ष: रहाणे ने दिखा दिया कि अनुभव कभी पुराना नहीं होता
टी20 क्रिकेट को अक्सर युवा खिलाड़ियों का गेम माना जाता है, लेकिन रहाणे ने साबित कर दिया—
अनुभव + क्लास = किसी भी मैच में गेम को एकतरफा बना सकते हैं।
ओडिशा के लिए यह हार जरूर बड़ी है, लेकिन मुंबई के लिए यह जीत उससे भी बड़ी, क्योंकि टीम का सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी अब लय में लौट आया है।
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