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Sanjay Raut का बड़ा खुलासा: Modi सरकार ने ED के डर से Jagdeep Dhankhar को VP पद छोड़ने पर किया मजबूर — ‘Unlikely Paradise’ में लिखी वो बात जो सबको हिला देगी…

Shiv Sena (UBT) के MP Sanjay Raut ने अपनी जेल संस्मरण की नई edition में दावा किया है कि Jagdeep Dhankhar के “स्वतंत्र फैसलों” से नाराज़ NDA सरकार ने केंद्रीय जाँच एजेंसियों की धमकी देकर उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर किया।

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Sanjay Raut का खुलासा: ED की धमकी से Dhankhar को VP पद छोड़ने पर मजबूर किया Modi सरकार ने | Daily Global Diary
Sanjay Raut की जेल संस्मरण 'Unlikely Paradise' की नई edition में Jagdeep Dhankhar के इस्तीफे और ED के दुरुपयोग पर किए गए खुलासों ने Delhi की राजनीति में नई हलचल मचा दी है — किताब को Arvind Kejriwal और Kapil Sibal ने release किया।

Indian politics में जो बातें सत्ता के गलियारों में फुसफुसाई जाती हैं — वो कभी-कभी किताबों की शक्ल में सामने आती हैं। और जब वो आती हैं, तो उनका असर किसी बम से कम नहीं होता।

Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) के सांसद Sanjay Raut ने अपनी जेल संस्मरण ‘Unlikely Paradise’ की नई English edition में चार नए अध्याय जोड़े हैं — और इन अध्यायों में जो दावे किए गए हैं, वो Delhi की राजनीति में भूचाल ला सकते हैं।

सबसे बड़ा दावा यह है: Narendra Modi सरकार ने केंद्रीय जाँच एजेंसियों की धमकी का इस्तेमाल करके तत्कालीन Vice President Jagdeep Dhankhar को इस्तीफा देने पर मजबूर किया — क्योंकि NDA सरकार को उनके “स्वतंत्र फैसले” पसंद नहीं आ रहे थे।

किताब में क्या लिखा है?

Sanjay Raut ने ‘Unlikely Paradise’ में लिखा है कि Enforcement Directorate (ED) — जो एक केंद्रीय वित्तीय जाँच एजेंसी है — को BJP की “शाखा” का दर्जा दे दिया गया था। उनके अनुसार इस एजेंसी का इस्तेमाल Election Commission of India (ECI) और Vice President के पद जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं के विरुद्ध किया गया।

नए चार अध्यायों में से दो सीधे ED से संबंधित हैं:

पहला अध्याय — ‘Supreme Court v/s ED’ और दूसरा — ‘At the Doors of the EC and the Home of the VP’

इन अध्यायों में Raut ने विस्तार से बताया है कि कैसे केंद्र सरकार ने Dhankhar को उनके पद से हटाने के लिए दबाव बनाया।

किताब किसने Release की?

यह किताब Delhi में Monday को release हुई। इसे release करने वालों में थे — AAP के सर्वेसर्वा और पूर्व CM Arvind Kejriwal और पूर्व Union Minister Kapil Sibal। यह उपस्थिति खुद बताती है कि यह किताब सिर्फ एक संस्मरण नहीं — यह Opposition की एक राजनीतिक घोषणा भी है।

Dhankhar ने क्या कहा?

Jagdeep Dhankhar ने इस पूरे मामले पर ज़्यादातर चुप्पी साधी है। हाल ही में Rajasthan के Churu जिले के Sadulpur में 26 February 2026 को उन्होंने कहा — “मैंने सिर्फ यह कहा था कि मैं अपनी सेहत को प्राथमिकता दे रहा हूँ — जो हर किसी को देनी चाहिए।”

लेकिन यह जवाब उस सवाल का जवाब नहीं था जो सबके मन में था — असली कारण क्या था? उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा।

Justice Yashwant Varma वाला पेच

Dhankhar के इस्तीफे के तुरंत बाद Delhi की राजनीतिक गलियारों में एक और कहानी चर्चा में आई — Justice Yashwant Varma का impeachment प्रकरण।

पूर्व Delhi High Court judge Justice Varma के March 2025 में उनके आवास पर अघोषित मात्रा में नकदी मिलने के बाद उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।

सरकार चाहती थी कि impeachment motion पहले Lok Sabha में लाया जाए — ताकि इसे सरकार की सफलता के रूप में पेश किया जा सके और judiciary को एक स्पष्ट संदेश दिया जा सके।

लेकिन Dhankhar — जो Rajya Sabha के अध्यक्ष के रूप में उस सदन की अध्यक्षता करते थे — ने Opposition नेताओं को Rajya Sabha में impeachment notice देने के लिए प्रोत्साहित किया। जब उन्होंने घोषणा की कि उन्हें motion मिल गया है — तो सरकार की पूरी योजना धराशायी हो गई।

एक Lok Sabha अधिकारी ने HT को बताया था — “सरकार impeachment motion पहले Lok Sabha में पास कराना चाहती थी। इसे सरकार की सफलता के रूप में पेश किया जाता और judiciary को एक साफ़ संदेश जाता। लेकिन Dhankhar ने शो चुरा लिया।”

BJP इससे बेहद नाराज़ हुई। पार्टी अध्यक्ष और Rajya Sabha में Leader of the House JP Nadda और Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju ने Dhankhar की अध्यक्षता में होने वाली Business Advisory Committee की बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया।

“इस्तीफा देने के लिए बड़ी हिम्मत चाहिए”

Dhankhar के एक करीबी सहयोगी ने HT को गुमनाम रहने की शर्त पर बताया था — “इस्तीफा देने के लिए बहुत ताकत चाहिए।”

यह एक छोटा सा वाक्य था। लेकिन इसमें एक पूरी कहानी छुपी थी।


Sanjay Raut का खुलासा: ED की धमकी से Dhankhar को VP पद छोड़ने पर मजबूर किया Modi सरकार ने | Daily Global Diary


Dhankhar ने खुद कई मौकों पर अपने काम के “दबाव” की बात की थी और यह भी कहा था कि उन्होंने सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान की माँगों को पूरा करने के लिए “अपनी सीमा से परे” काम किया। Congress के नेतृत्व वाले Opposition ने उन पर पक्षपात के आरोप में no-confidence motion भी लाया था।

ED: लोकतंत्र का हथियार या राजनीति का औज़ार?

Sanjay Raut की किताब का सबसे विस्फोटक हिस्सा वो है जहाँ वो ED की भूमिका पर सवाल उठाते हैं।

Raut खुद ED की गिरफ्त में रह चुके हैं — वो जानते हैं यह एजेंसी कैसे काम करती है। उनके दावे कि ED को BJP की “शाखा” की तरह इस्तेमाल किया गया — यह कोई नया आरोप नहीं है। Opposition यह बात सालों से कहती आई है। लेकिन जब यह बात एक जेल संस्मरण में, किसी व्यक्तिगत अनुभव की कसौटी पर कसकर लिखी जाती है — तो उसका वज़न अलग होता है।

राजनीतिक मायने

‘Unlikely Paradise’ की यह नई edition सिर्फ एक किताब नहीं है। यह 2026 की राजनीतिक लड़ाई का एक हथियार है। Arvind Kejriwal और Kapil Sibal का इसे release करना यह बताता है कि Opposition इस narrative को आगे ले जाना चाहती है।

BJP ने अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

लेकिन Delhi की राजनीति में यह चुप्पी खुद एक जवाब मानी जाती है।