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दूसरे टेस्ट में बड़ा झटका: न्यूज़ीलैंड के ब्लेयर टिकनर स्ट्रीचर पर मैदान से बाहर, कंधा उतरने का शक
वेस्टइंडीज़ के खिलाफ शानदार शुरुआत के बाद टिकनर का अचानक चोटिल होना कीवी टीम की तेज़ गेंदबाज़ी संकट को और गहरा कर गया—अब inexperienced seam attack पर बढ़ा दबाव।
वेलिंगटन के बेसिन रिज़र्व में बुधवार की सुबह न्यूज़ीलैंड क्रिकेट के लिए उम्मीद और चिंता दोनों साथ-साथ आईं।
तेज़ गेंदबाज़ ब्लेयर टिकनर, जो करीब दो साल बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे थे, वेस्टइंडीज़ के खिलाफ शानदार स्पेल डालने के बाद अचानक गंभीर चोट का शिकार हो गए। फाइन लेग पर डाइव लगाकर बाउंड्री रोकने की कोशिश में उनका कंधा बुरी तरह मुड़ गया और उन्हें स्ट्रीचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा।
4 विकेट लेकर मैच में आग लगा दी थी टिकनर ने
चोट से पहले टिकनर अपने करियर की सबसे उम्दा गेंदबाज़ी में से एक कर रहे थे।
उन्होंने केवल 32 रन देकर 4 विकेट झटके—
- ब्रैंडन किंग और कवेव हॉज को LBW
- शाई होप को शॉर्ट बॉल पर आउट
- रोस्टन चेज़ की स्टंप उड़ाई
कीवी टीम को वही आक्रामक शुरुआत मिली थी जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
लेकिन 67वें ओवर में एक डाइव ने पूरे मैच का संतुलन बदल दिया।
मैदान पर सन्नाटा, दर्शकों की तालियों में दर्द छिपा
जैसे ही टिकनर दर्द से कराहते हुए उठ नहीं पाए, साथी खिलाड़ी और मेडिकल टीम भागते हुए पहुंची।
स्टेडियम में कुछ पल के लिए पूर्ण सन्नाटा छा गया।
हज़ारों की भीड़ ने खड़े होकर तालियाँ बजाईं, लेकिन यह तालियाँ राहत की नहीं—चिंता की तालियाँ थीं।
न्यूज़ीलैंड का तेज़ गेंदबाज़ी संकट और गहरा
पहले ही मैट हेनरी और नाथन स्मिथ चोटिल हो चुके हैं।
अब टिकनर का जाना न्यूज़ीलैंड का तीसरा तेज़ गेंदबाज़ लॉस बन गया है—वो भी इस टेस्ट सीरीज़ के बीचोंबीच।

अब न्यूजीलैंड के पास सिर्फ ये तेज़ गेंदबाज़ बचे हैं:
- जैकब डफी
- ज़ैक फॉल्क्स
- डेब्यू कर रहे माइकल रे
तीनों के पास टेस्ट क्रिकेट का बेहद कम अनुभव है।
मज़ेदार लेकिन चिंताजनक संयोग: सबसे अनुभवी विकेट–टेकर बने पार्ट-टाइमर्स!
स्थिति इतनी कठिन हो गई है कि मैच में न्यूज़ीलैंड के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ ग्लेन फिलिप्स (31 विकेट) और केन विलियमसन (30 विकेट) हैं—
जबकि दोनों पार्ट-टाइम स्पिनर हैं!
यह 2012 (किंग्स्टन टेस्ट) के बाद पहली बार है जब कीवी टीम के तेज़ गेंदबाज़ों के पास कुल मिलाकर 50 से भी कम टेस्ट विकेट हैं।
क्या इतिहास दोहराएगा खुद को?
न्यूज़ीलैंड ने वेस्टइंडीज़ को पहली पारी में 205 पर समेट तो दिया है,
लेकिन ठीक पिछले टेस्ट की तरह अब फिर से खतरा बन गया है कि वे बिना अपने फ्रंटलाइन तेज़ गेंदबाज़ों के मैच खत्म करेंगे।
क्राइस्टचर्च में भी ऐसा ही हुआ था—और वेस्टइंडीज़ ने आख़िरी दिन मैच ड्रॉ करवा लिया था।
कीवी टीम चाहेगी कि इस बार इतिहास खुद को ना दोहराए।
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