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योगी सरकार का मास्टर स्ट्रोक गन्ना आपूर्ति नीति में बड़े बदलाव से लाखों किसानों को सीधा फायदा

पेराई सत्र 2025-26 में छोटे और महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता, यांत्रिक हार्वेस्टिंग और नई गन्ना किस्म को.15023 को बढ़ावा

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योगी सरकार की नई गन्ना आपूर्ति नीति 2025 छोटे और महिला किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
योगी सरकार की नई गन्ना आपूर्ति नीति से खुश किसान, छोटे और महिला कृषकों को मिलेगा सीधा लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए नई गन्ना आपूर्ति नीति लागू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी इस नीति को किसानों के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। इस नीति में छोटे, अति-लघु और महिला किसानों को विशेष लाभ दिया गया है, साथ ही आधुनिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर है।

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नई आपूर्ति नीति का सबसे बड़ा लाभ उन नए किसानों को मिलेगा जो हर साल गन्ना समितियों से जुड़ते हैं। अब उन्हें चीनी मिल की औसत आपूर्ति या जिले की गन्ना उत्पादकता के 70% तक सट्टा का फायदा मिलेगा। प्रदेश में हर साल लगभग दो लाख नए किसान समिति के सदस्य बनते हैं और इस बदलाव से वे सीधे लाभान्वित होंगे।

छोटे और महिला किसानों के लिए राहत

नीति में छोटे किसानों (81 क्विंटल सट्टा धारक) को पेड़ी गन्ने की पर्चियां 1 से 3 पक्ष में और पौधा गन्ने की पर्चियां 7 से 9 पक्ष में दी जाएंगी। इससे 13 लाख से अधिक छोटे किसान लाभान्वित होंगे।

सबसे खास प्रावधान अति-लघु किसानों (36 क्विंटल या चार पर्ची) और महिला कृषकों (81 क्विंटल या नौ पर्ची) के लिए है। इन्हें पेड़ी और पौधा अनुपात से मुक्त कर शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ने की पर्चियां प्रारंभिक पक्षों में दी जाएंगी। इस निर्णय से करीब 3.75 लाख अति-लघु किसान और 6,200 से ज्यादा महिला कृषक लाभान्वित होंगे।

यांत्रिक हार्वेस्टिंग और तकनीकी बढ़ावा

पेराई सत्र 2025-26 में पहली बार यांत्रिक हार्वेस्टिंग के लिए आवेदन करने वाले कृषकों को पारिवारिक कैलेंडर की सुविधा दी जाएगी। यह कदम मजदूरों की कमी को देखते हुए किसानों को राहत देने वाला है।

साथ ही, जिन किसानों ने केवल 2024-25 में गन्ना आपूर्ति की थी, उनके कोटे का निर्धारण उस साल की आपूर्ति या औसत के आधार पर किया जाएगा। इसका सीधा फायदा छोटे और मध्यम स्तर के किसानों को होगा।

नई किस्म को.15023 को बढ़ावा

गन्ना शोध परिषद की ओर से विकसित नई किस्म को.15023 को सरकार ने प्राथमिकता देते हुए अगेती संवर्ग में रखा है। इस किस्म की खासियत है कि यह शीघ्र परिपक्व होती है और अधिक रिकवरी दर देती है। इससे लगभग 3.66 लाख किसान लाभान्वित होंगे, वहीं चीनी मिलों को भी चीनी उत्पादन में लाभ मिलेगा।

बड़े किसानों और नए सदस्यों के लिए प्रावधान

नई नीति में बड़े किसानों के लिए भी सुविधा दी गई है। जिन किसानों के पास 2500 क्विंटल या उससे अधिक बेसिक सट्टा है, उन्हें एक कालम में अधिकतम आठ पर्चियां मिलेंगी। वहीं, नए सदस्यों के लिए पर्चियों का आवंटन 5वें से 12वें पक्ष में किया जाएगा।

किसानों की उम्मीदें और चुनौतियां

किसानों का मानना है कि यह नीति उनके लिए राहत की तरह है। महिला किसानों ने इसे ऐतिहासिक बताया है, क्योंकि पहली बार उन्हें विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि गन्ना उत्पादन में तकनीक और नई किस्मों को बढ़ावा देना लंबे समय में प्रदेश की चीनी मिलों को आत्मनिर्भर बनाएगा।

हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। समय पर भुगतान और चीनी मिलों की क्षमता अभी भी किसानों की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। यदि सरकार इस दिशा में भी ठोस कदम उठाए, तो गन्ना किसानों के लिए यह नीति मील का पत्थर साबित होगी।