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जैसे ही जम्हाई आती है वैसे ही क्यों घेर लेती है नींद? जानिए इसके पीछे छुपे असली कारण
थकान ही नहीं, दिमाग, ऑक्सीजन और शरीर का तापमान भी तय करता है आपकी नींद का संकेत
हम सभी ने यह अनुभव किया है—दिन में अचानक एक जम्हाई आती है और उसके कुछ ही पलों बाद नींद आंखों पर हावी होने लगती है। अक्सर लोग इसे सिर्फ थकान का नतीजा मान लेते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जम्हाई और नींद के बीच संबंध कहीं ज्यादा गहरा और वैज्ञानिक है।
जम्हाई क्यों आती है?
जम्हाई आना शरीर की एक नेचुरल चेतावनी प्रणाली है। जब दिमाग को लगता है कि वह लंबे समय से एक्टिव है या उसे पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही, तो वह शरीर को संकेत देता है। इस संकेत का नतीजा होती है जम्हाई—जिससे फेफड़ों में ज्यादा हवा जाती है और दिमाग को थोड़ी राहत मिलती है।
दिमाग और नींद का सीधा कनेक्शन
जब हम देर तक जागते रहते हैं, स्क्रीन देखते हैं या लगातार सोचते रहते हैं, तो दिमाग थकने लगता है। इसी थकान के दौरान न्यूरॉन्स की एक्टिविटी धीमी होने लगती है।
जम्हाई इस बात का इशारा होती है कि अब दिमाग रीसेट मोड में जाना चाहता है—और यही वह समय होता है जब नींद तेजी से आने लगती है।
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शरीर का तापमान भी निभाता है बड़ी भूमिका
एक कम जानी जाने वाली लेकिन अहम बात यह है कि जम्हाई से शरीर का तापमान थोड़ा कम होता है।
नींद आने के लिए शरीर का तापमान गिरना जरूरी होता है। जैसे ही जम्हाई आती है, दिमाग ठंडा होने लगता है और शरीर नींद के लिए खुद को तैयार करने लगता है।

ऑक्सीजन की कमी और सुस्ती
जब आप लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहते हैं—जैसे ऑफिस, क्लासरूम या वाहन में—तो सांस लेने की गति धीमी हो जाती है। इससे दिमाग को कम ऑक्सीजन मिलती है।
जम्हाई इस कमी को पूरा करने की कोशिश है, लेकिन साथ ही यह संकेत भी है कि शरीर को अब आराम चाहिए।
नींद की कमी सबसे बड़ा कारण
अगर आप रोज़ाना पूरी नींद नहीं लेते, तो दिन में बार-बार जम्हाई आना आम बात है।
नींद की कमी दिमाग की निर्णय क्षमता, फोकस और ऊर्जा—तीनों को प्रभावित करती है। जम्हाई उस कमी का सबसे पहला लक्षण होती है।
क्या बार-बार जम्हाई आना खतरनाक है?
आमतौर पर नहीं। लेकिन अगर बिना थकान के भी लगातार जम्हाई आती रहे, साथ में सिरदर्द, चक्कर या कमजोरी हो—तो यह किसी मेडिकल समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
