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अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध: 8 दिन, 500 से ज़्यादा मिसाइलें, 1300 से अधिक मौतें और अभी थमने के कोई आसार नहीं

ईरान ने दागा 5वाँ बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला — तेहरान धूल-धुएँ में, खाड़ी देश दहल रहे, रूस ने भी खेला अपना पत्ता; भारत के लाखों नागरिक फँसे

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अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध LIVE: 8 दिन में 500 मिसाइलें, 1300 मौतें — रूस भी मैदान में | Dainik Diary
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के 8वें दिन — तेहरान पर बम, खाड़ी में मिसाइलें, रूस का खुफिया खेल और दुनिया भर में हलचल।

कोई फिल्म नहीं, कोई काल्पनिक कहानी नहीं — यह असली दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई है जो इस वक्त चल रही है। एक तरफ दुनिया की सबसे ताकतवर फौजी शक्ति अमेरिका और उसका सहयोगी इजरायल, दूसरी तरफ ईरान — जो कट चुका है, जल चुका है, लेकिन झुकने से इनकार कर रहा है।

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त हवाई हमले शुरू किए। उसी दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को मार दिया गया। और तब से जो सिलसिला शुरू हुआ, वह आज भी जारी है।

500 मिसाइलें, 2000 ड्रोन — और यह सिर्फ ईरान की तरफ से

5 मार्च को एक सैन्य सूत्र ने बताया कि ईरान ने 28 फरवरी से अब तक 500 से ज़्यादा बैलिस्टिक और नौसैनिक मिसाइलें और करीब 2000 ड्रोन दाग चुका है। इनमें से लगभग 40% इजरायल की ओर और 60% मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों की ओर थे।

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लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार पहले दिन की तुलना में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90% और ड्रोन हमलों में 83% की कमी आई है। इसकी वजह — ईरान के मिसाइल भंडार तेज़ी से खत्म हो रहे हैं।

अमेरिका का तांडव — 2000 ठिकाने तबाह

US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान में करीब 2,000 ठिकानों पर हमला किया है।

US सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स ने ईरान में गहरी दबी हुई बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर साइट्स पर दर्जनों 2000 पाउंड के “पेनेट्रेटर बम” गिराए। उन्होंने यह भी कहा — “हमने ईरान के ‘स्पेस कमांड’ को भी तबाह किया, जिससे अमेरिकियों को खतरा पैदा करने की उनकी क्षमता कमज़ोर हुई।”

इजरायल ने दावा किया कि शुक्रवार को अकेले पश्चिमी ईरान में 400 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले किए गए — बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन स्टोरेज सुविधाएँ नष्ट की गईं।

खाड़ी देशों पर कहर

पहली बार इतिहास में ईरान ने सभी छह खाड़ी सहयोग परिषद देशों — बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE — पर एक साथ हमला किया।

बहरीन में एक होटल, दो आवासीय इमारतें और एक तेल रिफाइनरी ईरानी हमलों में प्रभावित हुई। सऊदी अरब ने बताया कि रियाद के पास प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाने वाली तीन बैलिस्टिक मिसाइलें रोकी गईं।

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रूस का खेल — अमेरिकी सैनिकों की जानकारी ईरान को?

सबसे चौंकाने वाली खबर यह आई कि रूस ने ईरान को अमेरिकी सैनिकों, जहाज़ों और विमानों की लोकेशन और आवाजाही की खुफिया जानकारी मुहैया कराई — यह पहला संकेत था कि मॉस्को इस युद्ध में शामिल होने की कोशिश कर रहा है।

इधर ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्किान और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच एक फोन कॉल हुई और “संपर्क जारी रखने” पर सहमति बनी।

यह युद्ध कब तक?

ट्रंप ने Time पत्रिका को बताया — “मैं इस पर कोई समय सीमा नहीं रखता। मैं यह काम पूरा करना चाहता हूँ।” उन्होंने युद्ध के चार लक्ष्य गिनाए — परमाणु हथियार न बने, बैलिस्टिक मिसाइलें न हों, और ईरान में “कोई तर्कसंगत और समझदार नेता” सत्ता में आए।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि “यह स्थिति किसी के नियंत्रण से बाहर हो सकती है” और तुरंत गंभीर राजनयिक वार्ता की माँग की।

भारत के लिए यह युद्ध सिर्फ खबर नहीं — करीब 20,000 अमेरिकी नागरिक मध्य-पूर्व छोड़ चुके हैं। लाखों भारतीय अभी भी वहाँ हैं — और हर मिसाइल के साथ उनके परिवार भारत में साँस रोककर इंतज़ार कर रहे हैं।