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Iran का वो ‘काला दस्ता’ जिसे देखकर सड़कें खाली हो जाती हैं अब वही Mojtaba Khamenei की रक्षा कर रहा है
Operation Epic Fury में पिता की हत्या के बाद नए Supreme Leader Mojtaba Khamenei को मिली NOPO की सुरक्षा — जानिए उस खतरनाक बल के बारे में जिसे Iran का सबसे निर्मम दस्ता कहा जाता है।
कुछ ताकतें इसलिए नहीं डराती कि वे बड़ी हैं — बल्कि इसलिए डराती हैं कि वे दिखती कम हैं और मारती ज़्यादा हैं। Iran का NOPO बल कुछ ऐसा ही है। काली वर्दी, चेहरे पर नकाब, और हाथ में आधुनिक हथियार — यह वो दस्ता है जिसे ईरानी सरकार अपने सबसे कीमती लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात करती है। और अब यही बल Iran के नए Supreme Leader Ayatollah Mojtaba Khamenei की जान की हिफ़ाज़त कर रहा है।
यह सब कुछ तब हुआ जब America और Israel ने मिलकर Operation Epic Fury के तहत ईरान पर हमला किया। 28 फरवरी को उन हमलों में Mojtaba के पिता, पूर्व Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई। उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य भी उस हमले में मारे गए। इसके बाद Iran की Assembly of Experts ने 8 मार्च को Mojtaba Khamenei को देश का तीसरा Supreme Leader घोषित किया।
वो 56 साल के Ayatollah जो अब तक छुपे हुए हैं
Mojtaba Khamenei की उम्र 56 साल है। वे हमेशा से एक पर्दे के पीछे रहने वाले शख्स रहे हैं — न बड़े भाषण, न सार्वजनिक दौरे, न मीडिया के सामने आना। पिता की मौत और खुद Supreme Leader बनने के बाद भी उन्होंने अब तक न कोई बयान दिया है, न देश को संबोधित किया है।
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इसी बीच New York Times ने तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि Mojtaba 28 फरवरी के हमले में खुद भी घायल हुए हैं — खासकर उनके पैरों में चोट आई है। हालाँकि Iran के राष्ट्रपति के बेटे Yousef Pezeshkian ने अपने Telegram चैनल पर लिखा कि उन्होंने जानकार लोगों से पूछा और पता चला कि Mojtaba “खुदा का शुक्र है, सुरक्षित और स्वस्थ हैं।”
लेकिन उनकी चुप्पी और सार्वजनिक गायबी ने अटकलों को हवा दे रखी है।
NOPO — Iran का सबसे खतरनाक बल
Fox News ने Paris स्थित National Council of Resistance of Iran यानी NCRI के Foreign Affairs Committee के अधिकारी Ali Safavi के हवाले से बताया कि Iran ने अपने नए Supreme Leader की सुरक्षा के लिए NOPO को तैनात किया है।

NOPO का पूरा नाम है — Nirouyeh Vijeh Pasdaran Velayat, जिसका अर्थ है “Supreme Leader की रक्षा के लिए विशेष बल।” इसकी स्थापना 1991 में हुई थी। यह बल Iran के Special Units Command के अंतर्गत काम करता है और इसे ईरानी पुलिस का सबसे प्रशिक्षित और खतरनाक दस्ता माना जाता है।
कागज़ पर इसका काम है — बंधकों को छुड़ाना और आतंकवाद विरोधी अभियान चलाना। लेकिन असलियत में इस बल का इस्तेमाल बार-बार आम नागरिकों पर हुआ है। 1999 में Tehran University के छात्र आंदोलन को कुचलने में, 2019 की जनता की बगावत में, और 2022 में Mahsa Amini की मौत के बाद उठी “Woman, Life, Freedom” लहर में — NOPO हर बार उन लोगों के सामने खड़ा था जो सड़कों पर उतरे थे।
Safavi ने बताया कि NOPO में केवल छह Brigade हैं — चार Tehran में, एक Mashhad में और एक Isfahan में। संख्या में छोटा, लेकिन ताकत में बेहद घातक।
“यह बल IRGC से भी ज़्यादा प्रशिक्षित, निर्मम और घातक है,” Safavi ने कहा। “Ali Khamenei को केवल इसी बल पर भरोसा था अपनी सुरक्षा के लिए।”
IRGC से भी अलग है यह दस्ता
Iran की Islamic Revolutionary Guard Corps यानी IRGC को दुनिया जानती है — 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद बनाया गया यह वो बल है जो Iran की सत्ता का असली रक्षक माना जाता है। लेकिन Safavi का कहना है कि समय के साथ NOPO, IRGC से अलग एक स्वतंत्र और विशिष्ट इकाई बन गई है — जो सीधे Supreme Leader के प्रति जवाबदेह है।
रिपोर्टों के मुताबिक, 28 फरवरी के हमले में NOPO के कुछ सदस्य भी मारे गए थे, क्योंकि वे उस वक्त Ali Khamenei की सुरक्षा में तैनात थे। लेकिन Safavi का दावा है कि बल अभी भी पूरी तरह सक्रिय है।
इतना ही नहीं — इस वक्त NOPO के सैकड़ों सदस्य Iran की उन जेलों के आसपास तैनात किए गए हैं जहाँ राजनीतिक कैदी बंद हैं। यानी एक तरफ नए Supreme Leader की सुरक्षा, दूसरी तरफ किसी भी विरोध की संभावना को उसी दम में कुचल देना।
क्या Iran अब एक सैन्य राज्य बन रहा है?
Reuters की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि Mojtaba Khamenei को Supreme Leader बनाने में Iran की Revolutionary Guards की मुख्य भूमिका थी। Guards ने pragmatists यानी व्यावहारिक सोच वाले नेताओं की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए यह फैसला थोपा। इसीलिए इस चुनाव की घोषणा में घंटों की देरी भी हुई।
तीन वरिष्ठ ईरानी सूत्रों ने Reuters को बताया कि Mojtaba की नियुक्ति Iran को और आक्रामक विदेश नीति और कड़े आंतरिक दमन की तरफ ले जा सकती है। दो सूत्रों ने डर जताया कि Guards के बढ़ते दबदबे से Islamic Republic धीरे-धीरे एक सैन्य राज्य में बदल रहा है — जहाँ धार्मिक वैधता सिर्फ एक पतला आवरण बनकर रह जाएगी।
यानी एक तरफ एक नया, अनुभवहीन और चुप Supreme Leader — और दूसरी तरफ एक ऐसा सुरक्षा तंत्र जो दुनिया के सामने भी नहीं आने देता और भीतर से पूरे देश को मुट्ठी में कसता जा रहा है।
Iran का यह ‘काला दस्ता’ अब सिर्फ सड़कों पर नहीं — सत्ता के सबसे करीब खड़ा है।
