International News
“अगर उन्होंने गलत हरकत की…”: ईरान को Trump की नई चेतावनी, फिर भड़क सकता है युद्ध
शांति प्रस्ताव पर संदेह जताते हुए ट्रंप बोले—हमले दोबारा शुरू हो सकते हैं, ईरान ने भी दी पलटवार की चेतावनी
मध्य-पूर्व में चल रहा तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि अगर ईरान “गलत हरकत” करता है, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। फ्लोरिडा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “अगर वे कुछ गलत करते हैं… तो हमले फिर शुरू हो सकते हैं। यह एक संभावना है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने 14 बिंदुओं वाला एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसे Pakistan के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। इस प्रस्ताव में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में स्थिरता बनाए रखने और सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करने की बात कही गई है।
और भी पढ़ें : Donald Trump के 3 सैन्य विकल्प से बढ़ा तनाव क्या ईरान पर बड़ा हमला होगा
हालांकि, ट्रंप ने इस प्रस्ताव को लेकर पहले ही संदेह जता दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान का प्रस्ताव “स्वीकार्य” होगा, क्योंकि उनके मुताबिक ईरान ने पिछले 47 सालों में अपने कार्यों की “पर्याप्त कीमत” नहीं चुकाई है।
गौरतलब है कि अमेरिका और Israel द्वारा फरवरी के अंत में शुरू की गई सैन्य कार्रवाई फिलहाल 8 अप्रैल से रुकी हुई है। इस बीच पाकिस्तान में एक दौर की शांति वार्ता भी हुई, लेकिन वह सफल नहीं रही।

ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो दोनों देशों के बीच युद्ध दोबारा शुरू होना “संभव” है।
इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्र में फिर से सैन्य गतिविधियां बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
और भी पढ़ें : हॉर्मुज़ में ‘समुद्री डकैती’ का विवाद: Donald Trump के बयान से बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव
एक तरफ जहां ट्रंप ने कहा कि वह मानवीय आधार पर युद्ध से बचना चाहते हैं, वहीं उनके बयानों से यह भी साफ है कि अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।
अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति इस संकट को टाल पाएगी या फिर एक बार फिर गोलियों की आवाज सुनाई देगी।
