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राष्ट्र्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी बोले – “सरदार पटेल चाहते थे पूरा कश्मीर भारत में शामिल हो, लेकिन नेहरू ने रोका”

एकता नगर में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर बोले प्रधानमंत्री मोदी – “सरदार पटेल ने 550 रियासतों को जोड़ा, वही सच्चे अर्थों में एक भारत के निर्माता थे।” महिलाओं की अगुवाई में हुई परेड ने दिखाई देश की नई ताकत।

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Rashtriya Ekta Diwas 2025: PM Modi Says Sardar Patel Wanted to Unite Kashmir with India, Nehru Didn’t Allow
राष्ट्र्रीय एकता दिवस 2025: एकता नगर में पीएम मोदी ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी, बोले – “उनकी नीतियाँ आज भी भारत की नींव हैं।”

गुजरात के एकता नगर में शुक्रवार (31 अक्टूबर 2025) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) के अवसर पर देश को संबोधित किया। इस दिन को भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
मोदी ने कहा कि अगर पटेल को पूरा अधिकार मिला होता, तो पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा होता, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ऐसा होने नहीं दिया।


🇮🇳 “पटेल इतिहास नहीं, एकता रचने में विश्वास रखते थे” — पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा —

“सरदार पटेल मानते थे कि इतिहास लिखने में वक्त बर्बाद करने के बजाय हमें इतिहास रचने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया और 550 से अधिक रियासतों को एक भारत में जोड़ा।”

उन्होंने आगे कहा कि पटेल का सपना ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का था, और उनकी नीतियों ने आज उस सपने को साकार किया है। मोदी ने बताया कि स्वतंत्रता के बाद जब कई रियासतें असमंजस में थीं, तब पटेल ने दृढ़ता और कूटनीति से उन्हें एक सूत्र में बाँध दिया।


कश्मीर पर पीएम मोदी का बयान

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कश्मीर मुद्दे पर भी खुलकर बात की।
उन्होंने कहा —

“सरदार पटेल चाहते थे कि जिस तरह बाकी रियासतें भारत में शामिल हुईं, उसी तरह कश्मीर भी पूरी तरह भारत का हिस्सा बने। लेकिन नेहरू जी ने उनकी इच्छा को रोक दिया। कश्मीर को अलग संविधान और झंडा दिया गया, और देश को दशकों तक कांग्रेस की गलती का परिणाम भुगतना पड़ा।”

पीएम मोदी ने कहा कि आज जब जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुच्छेद 370 से मुक्त हो चुका है, तो यह पटेल की भावना का सच्चा सम्मान है।

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**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this screengrab from a video posted on Oct. 31, 2025, Attendees take a pledge, led by Prime Minister Narendra Modi, unseen, during the ‘Rashtriya Ekta Diwas’ programme organised to mark Sardar Vallabhbhai Patel’s 150th birth anniversary, at the Statue of Unity, Kevadia, in Narmada district of Gujarat. (@NarendraModi via PTI Photo)(PTI10_31_2025_000013A)

महिला शक्ति की कमान में एकता परेड

इस बार की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की सबसे बड़ी खासियत रही —
सभी परेड टुकड़ियों का नेतृत्व महिलाओं ने किया।
इसमें BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB और कई राज्यों की पुलिस बल की महिला अधिकारी शामिल रहीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने परेड का निरीक्षण किया और महिला कमांडरों से सलामी ली।
उन्होंने कहा,

“देश की सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी हमारे सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक है।”


‘Unity in Diversity’ पर आधारित झांकियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम

इस वर्ष की परेड में 10 विशेष झांकियाँ दिखाई गईं, जिनमें NSG, NDRF, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मणिपुर, अंडमान-निकोबार, उत्तराखंड और पुदुचेरी शामिल रहे।
हर झांकी ने ‘Unity in Diversity’ — यानी विविधता में एकता का संदेश दिया।

परेड मार्ग पर 900 कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के ज़रिए भारत की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत कर दिया।
साथ ही, BSF की ऊँट और घोड़ा टुकड़ी, असम पुलिस का बाइक शो और ‘इंडियन ब्रीड डॉग्स’ की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।


वीरता सम्मान और एयर फोर्स फ्लाईपास्ट

कार्यक्रम में CRPF के पाँच शौर्य चक्र विजेताओं और BSF के 16 गैलेंट्री मेडल विनर्स को भी सम्मानित किया गया।
इन जवानों ने झारखंड के नक्सल अभियानों और जम्मू-कश्मीर के आतंक विरोधी अभियानों में अदम्य साहस दिखाया था।

भारतीय वायुसेना ने इस अवसर पर ‘ऑपरेशन सूर्य किरण’ के तहत भव्य फ्लाईपास्ट का प्रदर्शन किया, जिसने पूरे समारोह को देशभक्ति की भावना से भर दिया।

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Kevadia: Prime Minister Narendra Modi addresses the gathering at the Rashtriya Ekta Diwas programme in Kevadia, Gujarat, on Thursday, October 31, 2024. (Photo: IANS)

मोदी बोले — “देश सेवा से बड़ा सुख कोई नहीं”

अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा —

“सरदार पटेल कहा करते थे कि राष्ट्र सेवा से बड़ा कोई सुख नहीं। आज मैं देशवासियों से कहना चाहता हूँ कि अगर आप सच्ची खुशी चाहते हैं, तो खुद को भारत की सेवा में समर्पित कर दीजिए।”


सरदार पटेल: भारत के लौह पुरुष

  • 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे सरदार पटेल को भारत की एकता का शिल्पकार कहा जाता है।
  • उन्होंने राज्यों के विलय का कठिन कार्य पूरा किया और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) जैसी संस्थाओं की नींव रखी।
  • 2014 से मोदी सरकार ने उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की।


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