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Noida में मजदूरों का बवाल: फैक्ट्रियों पर हमला, डरे कर्मचारी—CM योगी से मदद की गुहार

वेतन बढ़ाने की मांग पर भड़का विरोध, गाड़ियों में आगजनी और पथराव; पुलिस ने आंसू गैस से किया काबू

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Noida Worker Protest Turns Violent, Employees Fearful as Factory Owners Seek Help
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस तैनात—जली गाड़ियां और तनावपूर्ण माहौल।

नोएडा के औद्योगिक इलाकों में सोमवार को हालात उस समय बिगड़ गए जब मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। खासतौर पर फेज-2 और सेक्टर 63 जैसे इलाकों में फैक्ट्रियों को निशाना बनाया गया, जिससे उद्योग जगत में डर का माहौल बन गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया, कुछ वाहनों में आग लगा दी और फैक्ट्री परिसरों पर पथराव किया। यहां तक कि एक पुलिस वैन को भी नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को दंगा-नियंत्रण बल के साथ आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

इस दौरान कई फैक्ट्री मालिकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मदद की गुहार लगाई और Yogi Adityanath तथा नोएडा पुलिस को टैग करते हुए तत्काल सुरक्षा की मांग की। एक मालिक ने लिखा कि “कर्मचारी बेहद डरे हुए हैं और हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।”

क्या है प्रदर्शन की वजह?
बताया जा रहा है कि यह विरोध बेहतर वेतन और काम की स्थितियों की मांग को लेकर शुरू हुआ। मजदूरों का कहना है कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में हाल ही में मजदूरी में करीब 35% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि नोएडा में उन्हें उससे कम वेतन मिल रहा है।

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने न्यूनतम ₹20,000 मासिक वेतन, ओवरटाइम का भुगतान और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग की है। कुछ मजदूरों का कहना है कि उन्हें रोजाना सिर्फ ₹300–₹400 तक ही मिलते हैं, जो बढ़ती महंगाई के सामने काफी कम है।

एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि गैस, किराया और बच्चों की पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सैलरी नहीं बढ़ रही—ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस देखने को मिली। जहां कुछ लोगों ने उद्योगों की सुरक्षा पर सवाल उठाए, वहीं कुछ ने मजदूरों के शोषण की बात कही।
कुछ यूजर्स ने यहां तक कहा कि इसी तरह की घटनाओं के कारण कंपनियां उत्तर भारत छोड़कर दक्षिण भारत की ओर रुख करती हैं।

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हालांकि, कई लोगों ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती और बातचीत के जरिए ही रास्ता निकाला जाना चाहिए।

CM योगी का बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि मजदूरों को उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने उद्योगों को श्रम कानूनों का पालन करने के निर्देश दिए।

साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग मजदूरों के नाम पर माहौल बिगाड़ रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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आगे की स्थिति
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात को नियंत्रण में बताया जा रहा है। प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मजदूरों और उद्योगों के बीच संतुलन नहीं बनाया गया, तो इस तरह के विवाद आगे भी सामने आ सकते हैं।