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क्या PM Modi की एक Phone Call रोक सकती है Iran-US युद्ध? UAE के राजदूत ने कही चौंकाने वाली बात
UAE के पूर्व राजदूत Hussain Hassan Mirza ने कहा — Modi साहब का दोनों तरफ सम्मान है, बस एक कॉल काफी है
नई दिल्ली: Middle East में आग लगी है। एक तरफ Iran है, दूसरी तरफ America और Israel का गठजोड़। दस दिन से ज़्यादा हो चुके हैं इस जंग को, लेकिन शांति का कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा। ऐसे में एक बड़ा सवाल उठ रहा है — क्या कोई इस आग को बुझा सकता है? और जवाब जहाँ से आया है, वो सुनकर हर भारतीय का सीना चौड़ा हो जाएगा।
India में UAE के पहले राजदूत रहे Hussain Hassan Mirza ने NDTV से बातचीत में एकदम साफ कहा — “Mr. Modi का एक phone call Iran और Israel दोनों को इस मेज़ पर बैठा सकता है। बस एक call।”
यह सिर्फ तारीफ नहीं है। यह उस हकीकत का बयान है जो पूरी दुनिया देख रही है — कि PM Narendra Modi की global standing आज कितनी मज़बूत है।
UAE क्यों बोला यह बात?
Mirza ने कहा कि Modi साहब की खासियत यह है कि वो दोनों खेमों में समान इज़्ज़त रखते हैं। Iran के साथ भी India के पुराने और गहरे रिश्ते हैं, और Israel के साथ भी। यही संतुलन उन्हें इस जंग का सबसे असरदार मध्यस्थ बना सकता है।
साथ ही Mirza ने यह भी साफ किया कि UAE खुद इस युद्ध में घसीटा जाना नहीं चाहता। उन्होंने कहा — “मुझे समझ नहीं आता कि हम इसमें क्यों शामिल हैं। UAE का इस लड़ाई में कोई लेना-देना नहीं है।” लेकिन उन्होंने यह भी माना कि UAE की भौगोलिक स्थिति उसे एक अहम भूमिका देती है — वो Iran का पड़ोसी है और Abraham Accords के तहत Israel का साझेदार भी। “हम दोनों के बीच बातचीत करा सकते हैं,” उन्होंने कहा।
युद्ध का हाल — दस दिन, कोई राहत नहीं
28 फरवरी 2026 को America और Israel ने Iran पर संयुक्त हमले किए थे। इसके जवाब में Iran ने Middle East में अमेरिकी दूतावासों, सैन्य ठिकानों और Strait of Hormuz में तेल के जहाज़ों पर मिसाइल और drone से हमले किए। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनियाभर में बेचैनी बढ़ती जा रही है।
वैश्विक बाज़ार में तेल की कीमतें पिछले एक हफ्ते में करीब 20 फीसदी बढ़ चुकी हैं और अब लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँच गई हैं।
युद्ध के पहले ही दिन Iran के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या हो गई। उनके बेटे Mojtaba Khamenei को नया Supreme Leader बनाया गया, लेकिन यह नाम America के राष्ट्रपति Donald Trump को रास नहीं आया।
Modi ने क्या कहा?
PM Modi अब तक इस जंग पर काफी सधे हुए अंदाज़ में बोले हैं। Finland के राष्ट्रपति Alexander Stubb के साथ बातचीत के बाद Modi ने कहा कि युद्ध कभी किसी समस्या का हल नहीं होता — चाहे वो Ukraine हो या West Asia। उन्होंने “संवाद और कूटनीति” को ही आगे का एकमात्र रास्ता बताया।
यह बयान भले ही छोटा था, लेकिन इसमें India की पूरी सोच छुपी हुई है।

India की मुश्किल — दोनों तरफ दोस्ती
India के लिए यह युद्ध सिर्फ खबर नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनौती है। India ने Iranian missile हमलों की Gulf देशों में निंदा की है, लेकिन America-Israel के शुरुआती हमलों पर कोई बयान नहीं दिया। यह India की वही “strategic silence” की नीति है जो उसे हर पक्ष के साथ संबंध बनाए रखने में मदद करती है।
विदेश नीति विशेषज्ञ Harsh V. Pant के मुताबिक, India एक साथ America, Israel और Iran तीनों के साथ अपनी साझेदारी बचाने की कोशिश कर रहा है — और यही उसकी सबसे बड़ी कूटनीतिक चुनौती है।
क्या Modi उठाएंगे यह फोन?
UAE के राजदूत की बात सुनकर एक उम्मीद तो जगती है। दुनिया जानती है कि Modi की आवाज़ में वो वज़न है जो शायद किसी और नेता में नहीं। लेकिन सवाल यह है कि क्या वो इस रोल को स्वीकार करेंगे, और क्या दोनों पक्ष सुनने को तैयार हैं?
फिलहाल तो तोपें गरज रही हैं और diplomacy की आवाज़ उसमें दब रही है। लेकिन अगर किसी एक phone call से यह जंग रुक सकती है — तो शायद दुनिया को PM Modi का नंबर डायल करने में देर नहीं लगानी चाहिए।
