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आईपीएल में कैसे बना लैप शॉट नया हथियार, जानिए इसकी दिलचस्प कहानी
डगलस मैरिलियर से एबी डिविलियर्स और ऋषभ पंत तक—एक अनोखे शॉट का सफर
क्रिकेट में कुछ शॉट्स ऐसे होते हैं जो सिर्फ रन बनाने का जरिया नहीं, बल्कि खेल की पहचान बन जाते हैं। ऐसा ही एक शॉट है लैप शॉट या जिसे कई लोग “स्कूप” भी कहते हैं।
आज के दौर में यह शॉट Indian Premier League का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसकी कहानी काफी पुरानी और दिलचस्प है।
शुरुआत कब हुई?
लैप शॉट कोई नया इनोवेशन नहीं है। इतिहास के पन्नों में झांकें तो 19वीं सदी में भी इसके शुरुआती रूप देखने को मिलते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी Johnny Mullagh के बारे में कहा जाता है कि वह घुटनों के बल बैठकर गेंद को विकेटकीपर के ऊपर से भेज देते थे—जो आज के स्कूप शॉट जैसा ही था।
आधुनिक दौर में वापसी
समय के साथ यह शॉट क्रिकेट से लगभग गायब हो गया था, लेकिन फिर इसे दोबारा पहचान दिलाई Douglas Marillier ने।
उन्होंने इस शॉट को 2000 के दशक में इंटरनेशनल क्रिकेट में इस्तेमाल किया और इसे एक नई पहचान दी।
इसके बाद Ryan Campbell ने भी इस शॉट को अपनाया और इसे और लोकप्रिय बनाया।
एबी डिविलियर्स ने बदल दी तस्वीर
अगर किसी खिलाड़ी ने इस शॉट को पूरी तरह मुख्यधारा में लाया, तो वह हैं AB de Villiers।
उन्होंने इस शॉट को इतना आसान और प्रभावी बना दिया कि यह एक “रिस्की शॉट” से “नॉर्मल स्ट्रोक” बन गया।
डिविलियर्स के लिए यह शॉट उतना ही आसान था जितना कवर ड्राइव या फ्लिक।

ऋषभ पंत का अलग अंदाज
भारत के स्टार बल्लेबाज Rishabh Pant ने इस शॉट को एक नया रंग दिया।
उनका खेलने का अंदाज न सिर्फ आक्रामक है, बल्कि दर्शकों के लिए बेहद मनोरंजक भी है।
पंत जब यह शॉट खेलते हैं, तो फील्डर अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं—क्योंकि गेंद कभी थर्ड मैन की ओर जाती है तो कभी फाइन लेग के ऊपर से निकल जाती है।
आईपीएल में क्यों है इतना खास?
टी20 क्रिकेट, खासकर आईपीएल, में तेजी से रन बनाने की जरूरत होती है।
ऐसे में लैप शॉट:
- फील्डिंग गैप्स का फायदा उठाता है
- बॉलर को चौंका देता है
- कम जगह में ज्यादा रन दिलाता है
यही वजह है कि आज हर युवा बल्लेबाज इस शॉट को सीखने की कोशिश कर रहा है।
क्या यह भविष्य का शॉट है?
जिस तरह से क्रिकेट बदल रहा है, उसमें नए-नए शॉट्स की अहमियत बढ़ती जा रही है।
लैप शॉट अब सिर्फ एक ट्रिक नहीं, बल्कि एक रणनीति बन चुका है।
आने वाले समय में यह और भी ज्यादा आम हो सकता है—खासकर टी20 फॉर्मेट में।
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