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घबराएं नहीं! सरकार ने बताया — 60 दिन का तेल भंडार और 8 लाख टन LPG सुरक्षित, कोई ‘Emergency’ नहीं
West Asia युद्ध के बीच Petroleum Ministry ने पहली बार जारी किए Stock के आंकड़े — Panic Buying को बताया ‘झूठी अफवाहों का नतीजा’
पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, LPG सिलेंडर के लिए मारामारी, और सोशल मीडिया पर “तेल खत्म हो गया” जैसी खबरें — पिछले कुछ दिनों से देश में जो माहौल बना हुआ था, उसे गुरुवार को केंद्र सरकार ने एक झटके में तोड़ने की कोशिश की। Petroleum and Natural Gas Ministry ने 28 फरवरी को West Asia में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार आधिकारिक तौर पर देश के तेल भंडार के आंकड़े सार्वजनिक किए — और साफ कहा कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।
60 दिन का तेल, कोई कमी नहीं
Ministry ने बताया कि भारत के पास इस वक्त करीब 60 दिनों का crude oil और fuel stock cover मौजूद है। देश की कुल stocking capacity लगभग 74 दिनों की है। इस भंडार में crude oil, refined petroleum products और underground caverns में रखे strategic reserves सब शामिल हैं।
Ministry ने अपने बयान में कहा —
“अगले 60 दिनों की crude supply Indian oil companies पहले ही सुनिश्चित कर चुकी हैं। देश की हर refinery 100 प्रतिशत से ज़्यादा क्षमता पर चल रही है। कोई supply gap नहीं है।”
Strait of Hormuz में व्यवधान से आपूर्ति का एक हिस्सा ज़रूर प्रभावित हुआ है, लेकिन सरकार ने कहा कि दूसरे वैश्विक स्रोतों से ज़्यादा आयात करके इस कमी की भरपाई कर ली गई है।
8 लाख टन LPG — एक महीने की निर्बाध आपूर्ति
LPG को लेकर जो सबसे ज़्यादा अफवाहें फैली थीं, उन्हें भी Ministry ने नकारा। बताया गया कि 8 लाख टन (800,000 tonnes) LPG cargo सुरक्षित कर लिए गए हैं जो कम से कम एक महीने की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। इसके अलावा “अतिरिक्त खरीद” की प्रक्रिया भी जारी है।
एक और बड़ी बात — Ministry ने साफ किया कि PNG (Piped Natural Gas) को बढ़ावा देने का मतलब LPG की कमी नहीं है। उन्होंने कहा —
“यह दावा कि LPG खत्म हो रही है इसलिए PNG को push किया जा रहा है — यह पूरी तरह misinformation है। LPG की आपूर्ति सुरक्षित है।”
देशभर में एक भी पंप बंद नहीं
सरकार ने बताया कि देश के एक लाख से ज़्यादा retail fuel outlets पूरी तरह खुले हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। किसी भी outlet को supply सीमित करने के निर्देश नहीं दिए गए हैं।
Hindustan Petroleum, Indian Oil Corporation और Bharat Petroleum — तीनों सरकारी तेल कंपनियों ने भी अलग-अलग बयान जारी करके पर्याप्त भंडार की पुष्टि की और कमी की खबरों को खारिज किया।

छोटे शहरों के petrol pump operators को राहत देने के लिए credit limit को एक दिन से बढ़ाकर तीन दिन से ज़्यादा कर दिया गया है — ताकि fuel lifting में कोई दिक्कत न हो।
Panic Buying है अफवाहों का खेल
Ministry ने panic buying को “isolated instances” बताया और इसकी वजह social media पर फैली भ्रामक सामग्री को ठहराया। सरकार ने लोगों से अपील की कि वे —
“जानबूझकर फैलाए जा रहे गलत सूचनाओं के coordinated campaign से गुमराह न हों।”
साथ ही चेतावनी दी कि झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दुनिया में राशनिंग, भारत में नहीं
Ministry ने यह भी रेखांकित किया कि जहां कई देश fuel rationing और supply restrictions लागू कर चुके हैं, वहीं भारत को ऐसे किसी कदम की ज़रूरत नहीं है।
“वैश्विक स्तर पर जो भी हो — भारत के पास करीब दो महीने की assured supply है। हमारे भंडार न तो खत्म हैं और न ही अपर्याप्त हैं। ऐसा कोई भी दावा सिरे से नकारने योग्य है।”
Dainik Diary आपसे अपील करती है — अफवाहों पर नहीं, सरकारी आंकड़ों पर भरोसा करें। और ज़रूरत से ज़्यादा तेल या गैस न खरीदें ताकि सभी को समान रूप से आपूर्ति मिलती रहे।
