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अदियाला जेल में इमरान खान से मिलकर लौटीं बहन उज्मा क्यों उबल रहा है पूरा खान परिवार? तीनों बहनों की कहानी जानकर हैरान रह जाएंगे
पाकिस्तान में इमरान खान की बहनों का आंदोलन तेज—उज्मा ने जेल से लौटकर कहा: इमरान गुस्से में हैं, उन्हें मानसिक यातना दी जा रही है; जानिए कौन हैं वो तीन बहनें जो भाई के लिए लड़ाई की अगुवाई कर रही हैं।
पाकिस्तान की राजनीति इन दिनों जितनी उथल-पुथल में है, उससे ज्यादा चिंता देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दिखाई दे रही है। अदियाला जेल में बंद इमरान को पिछले कई हफ़्तों से परिवारवालों से मिलने नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते देशभर में तरह-तरह की अफवाहें फैलीं। इसी बीच मंगलवार को उनकी बहन उज्मा खानम को उनसे मिलने की अनुमति मिली।
जेल से बाहर आते ही उज्मा ने बताया कि इमरान खान की तबीयत स्थिर है, मगर वे बेहद गुस्से में हैं। उनका दावा है कि इमरान खान को जेल में मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है, और खुद इमरान ने इसके लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया है।
तीनों बहनों का आंदोलन—सरकार पर भारी दबाव
इमरान खान की बहनों—उज्मा, रूबीना और अलीमा—ने जेल प्रशासन और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।
हाईकोर्ट और अदियाला जेल के बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन होने लगे।
परिवार का आरोप था कि पिछले तीन हफ्तों से ज्यादा समय से उन्हें इमरान खान से मिलने नहीं दिया जा रहा—इसी वजह से सोशल मीडिया पर इमरान की तबीयत और मौत को लेकर कई अफवाहें भी उभरीं।
सरकार पर दबाव बढ़ा तो आखिरकार मंगलवार को उज्मा को मुलाकात की अनुमति दी गई।
उज्मा खान—सर्जन, मिलिट्री बैकग्राउंड और इमरान की सबसे मुखर समर्थक
उज्मा खानम पेशे से सर्जन हैं और लाहौर में रहती हैं।
उनके पति मजीद खान मौलवी, पाकिस्तानी एयरफोर्स में विंग कमांडर रह चुके हैं। वे उन पायलटों में शामिल थे जिन्होंने पहली बार अमेरिका के F-16 फाइटर जेट को उड़ाया था।
उज्मा और उनके पति दोनों ही इमरान खान और PTI के कट्टर समर्थक रहे हैं।
हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार ये दोनों एक पुराने जमीन घोटाले में आरोपी भी रह चुके हैं।
रूबीना खान—UN में उच्च पद पर काम कर चुकीं सुलझी हुई शख्सियत
इमरान की बड़ी बहन रूबीना खान का जन्म 1950 में लाहौर में हुआ।
वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) की छात्रा रहीं और बाद में संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक सीनियर पद पर काम किया।
रूबीना ने कभी शादी नहीं की और अपना जीवन अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारियों को समर्पित कर दिया।
खान परिवार में उन्हें सबसे शांत और समझदार आवाज माना जाता है।
भले ही वे सियासत से दूर रही हों, लेकिन इमरान की गिरफ्तारी के बाद वह भी आंदोलन का हिस्सा बनीं।

अलीमा खान—टेक्सटाइल बिजनेस में बड़ा नाम, महिलाओं की आवाज
1960 में जन्मीं अलीमा खान न सिर्फ इमरान की बहन हैं, बल्कि पाकिस्तान की प्रमुख टेक्सटाइल एक्सपोर्टर भी मानी जाती हैं।
उन्होंने LUMS से MBA किया और Cotcom Sourcing Pvt Ltd की संस्थापक हैं। उनकी कंपनी कई देशों में गारमेंट एक्सपोर्ट करती है।
अलीमा को पाकिस्तान में महिला सशक्तिकरण, फैशन, और टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक प्रभावशाली नाम माना जाता है।
वे शौकत खानम कैंसर अस्पताल के लिए वर्षों तक फंड रेज़िंग भी करती रहीं—और विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान की राजनीति में उनकी सफलता के पीछे अलीमा का बड़ा हाथ रहा है।
उनकी शादी सुहैल अमीर खान बर्की से हुई थी, जो पाकिस्तानी एयरफोर्स में पदस्थ थे।
सबसे छोटी बहन—नौरीन उर्फ रानी खान
सबसे छोटी बहन नौरीन खान, जिन्हें परिवार में रानी कहा जाता है, ने अपने चाचा के बेटे हफीज़ुल्ला खान नियाज़ी से शादी की।
कुछ समय अमेरिका में रहने के बाद वे जेड्डा में बस गईं।
दिलचस्प तथ्य यह है कि हफीज़ नियाज़ी, जो PTI के फाउंडिंग मेंबर भी रहे, बाद में इमरान खान के राजनीतिक विरोधी बन गए।
2002 के चुनाव में उन्होंने इमरान के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था और हार गए। वर्तमान में पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार हफीज अपनी पत्नी और बेटे से अलग रहते हैं।
क्या इमरान खान पर बढ़ा खतरा?
उज्मा के बयान के बाद पाकिस्तान में फिर से यह सवाल उभर रहा है कि—
- क्या इमरान खान की सुरक्षा खतरे में है?
- क्या उन्हें मानसिक तौर पर तोड़ा जा रहा है?
- क्या सेना और सरकार PTI को कमजोर करने की कोशिश कर रही है?
इमरान खान की तीनों बहनों का मोर्चा बताता है कि यह मुद्दा सिर्फ परिवार का नहीं, बल्कि पाकिस्तान की राजनीति और लोकतंत्र का भी है।
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