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बिहार चुनाव 2025 में गर्माई सियासत: अमित शाह का लालू-राहुल पर वार, योगी बोले ‘जंगलराज’ लौटने नहीं देंगे
अमित शाह ने दरभंगा में विपक्ष पर साधा निशाना, कहा – ‘लालू अपने बेटे को सीएम बनाना चाहते हैं, सोनिया अपने बेटे को पीएम, लेकिन पद खाली नहीं।’
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, राज्य का सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बिहार के कई ज़िलों में नेताओं की बड़ी रैलियों ने माहौल को और गर्मा दिया। एक ओर गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने दरभंगा में विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला, तो दूसरी ओर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने सत्ताधारी एनडीए पर पलटवार किया।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “लालू यादव अपने बेटे को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री, लेकिन दोनों पद फिलहाल खाली नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “लालू यादव चारा, बिटुमिन और लैंड-फॉर-जॉब जैसे घोटालों में शामिल रहे हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 12 लाख करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं।”
शाह ने बिहार के विकास कार्यों की सूची गिनाते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने मक्खाना बोर्ड की स्थापना की, 8.52 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, और मिथिला में सीता मंदिर निर्माण जैसे काम किए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि दरभंगा में जल्द ही मेट्रो रेल सेवा शुरू की जाएगी और वहां AIIMS का निर्माण तेज़ी से जारी है।
इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने रघुनाथपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में ‘जंगलराज’ लौटने नहीं दिया जाएगा। योगी ने कहा, “एनडीए के सभी साथी दलों ने तय किया है कि बिहार में गुंडाराज या माफियाराज को दोबारा नहीं आने देंगे। जिस तरह यूपी में कानून व्यवस्था सुधरी है, बिहार में भी वही मॉडल लागू होगा।”

योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि राजद (RJD) और उसके सहयोगियों ने अयोध्या में राम मंदिर और सीतामढ़ी में माँ जानकी मंदिर के निर्माण का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि “अब काम चल रहा है 6100 करोड़ की लागत से अयोध्या धाम को बिहार के सीतामढ़ी से जोड़ने का।”
वहीं, कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुज़फ्फरपुर के सकरा में रैली करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बीते 20 साल में नीतीश कुमार ने बिहार के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए क्या किया?” राहुल ने कहा कि बिहार के लोग देशभर के शहरों को विकसित करते हैं, तो अपना राज्य क्यों नहीं? “अब वक्त है ऐसा बिहार बनाने का जहाँ दूसरे राज्य के लोग काम करने आएँ,” उन्होंने कहा।
इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने दरभंगा में घोषणा की कि एनडीए अपना चुनावी घोषणा पत्र गुरुवार को जारी करेगा। उन्होंने कहा, “हम जो वादा करेंगे, उसे पूरा करेंगे। बिहार का चुनाव इस बात पर है कि राज्य का विकास होगा या फिर वापस ‘जंगलराज’ आएगा।”
इधर, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) और तेजस्वी यादव ने विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) के तहत सत्ता में आने का दावा किया। तेजस्वी ने कहा कि “हमारा वादा है — पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करेंगे और पत्रकारों के लिए हर डिवीजन में प्रेस क्लब बनाएंगे।”
साफ है कि बिहार का चुनावी संग्राम अब चरम पर पहुँच चुका है। एक ओर एनडीए ‘डबल इंजन सरकार’ के नाम पर वोट मांग रही है, तो दूसरी ओर महागठबंधन रोज़ नए वादों के साथ जनता को लुभाने की कोशिश में जुटा है।
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