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Hardik Pandya’s का नया फिटनेस मंत्र: Pilates क्यों नहीं है ‘आसान एक्सरसाइज’?

ट्रेनर ने शेयर किया वीडियो, एक्सपर्ट बोले—धीमी दिखने वाली यह एक्सरसाइज अंदर से बनाती है मजबूत

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Pilates रिफॉर्मर पर वर्कआउट करते हार्दिक पांड्या की झलक

Pilates तो आसान है”—अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या की हालिया फिटनेस झलक आपकी सोच बदल सकती है। मशहूर फिटनेस ट्रेनर यास्मिन कराचीवाला ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें हार्दिक Pilates रिफॉर्मर मशीन पर एक्सरसाइज करते नजर आ रहे हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा—“ज्यादातर पुरुषों को लगता है कि Pilates आसान है, जब तक वे इसे खुद करके नहीं देखते।”

पहली नजर में Pilates एक धीमी और आरामदायक एक्सरसाइज लग सकती है। इसमें न भारी वजन उठाना होता है और न ही हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट जैसा शोर-शराबा होता है। लेकिन फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि असल में यह शरीर की गहराई में काम करती है।

डाइटिशियन और फिटनेस विशेषज्ञ गरिमा गोयल के मुताबिक, “Pilates देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन इसमें जो ताकत लगती है, वह बाहरी नहीं बल्कि अंदरूनी होती है। यह शरीर के छोटे-छोटे मसल्स को एक्टिव करती है, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।”

Pilates क्यों है खास?
Pilates सिर्फ एक एक्सरसाइज नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण बॉडी-कंट्रोल सिस्टम है। यह खासतौर पर कोर मसल्स (पेट और कमर के आसपास की मांसपेशियों) को मजबूत करता है। इससे न सिर्फ बॉडी बैलेंस बेहतर होता है, बल्कि चोट लगने का खतरा भी कम हो जाता है।

खिलाड़ियों के लिए यह खास तौर पर फायदेमंद है। क्रिकेट जैसे खेल में जहां शरीर का संतुलन, लचीलापन और स्टैमिना बेहद जरूरी है, वहां Pilates प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है। यही वजह है कि हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी इसे अपनी फिटनेस रूटीन में शामिल कर रहे हैं।

Hardik Pandya


पुरुषों के लिए भी जरूरी क्यों?
अक्सर Pilates को महिलाओं की एक्सरसाइज मान लिया जाता है, लेकिन यह एक मिथक है। आज कई पुरुष एथलीट, जिम ट्रेनर और यहां तक कि ऑफिस में बैठकर काम करने वाले लोग भी इसे अपनाने लगे हैं।

मान लीजिए, कोई व्यक्ति रोज जिम में भारी वजन उठाता है लेकिन उसे पीठ दर्द या जकड़न की शिकायत रहती है। ऐसे में Pilates उसकी मांसपेशियों को रिलैक्स करने और शरीर की लचक बढ़ाने में मदद कर सकता है।

फिटनेस का बदलता ट्रेंड
आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में सिर्फ ‘मसल्स बनाना’ ही फिटनेस नहीं रह गया है। अब लोग मोबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और रिकवरी पर भी ध्यान दे रहे हैं। Pilates इसी बदलाव का हिस्सा है।

हार्दिक पांड्या की यह झलक इस बात का संकेत है कि फिटनेस का मतलब अब सिर्फ पसीना बहाना नहीं, बल्कि शरीर को सही तरीके से समझना और उसे संतुलित रखना भी है।

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