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Gautam Gambhir के सामने बढ़ती चुनौतियां पर Virat Kohli उनकी सबसे छोटी चिंता

लगातार घरेलू झटकों के बीच Gautam Gambhir पर दबाव बढ़ा लेकिन Kohli की फॉर्म सवालों से परे

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Gautam Gambhir के सामने बढ़ती चुनौतियां पर Virat Kohli उनकी सबसे छोटी चिंता
New Zealand के खिलाफ घरेलू हार के बाद Gautam Gambhir पर बढ़ता दबाव

आमतौर पर ‘पहली बार’ की उपलब्धियां जश्न का मौका होती हैं, लेकिन कुछ ‘पहली बार’ ऐसे भी होते हैं जो किसी भी खेलकर या कोच के लिए बोझ बन जाते हैं। Gautam Gambhir के कोचिंग कार्यकाल में यही ‘अनचाही पहली बार’ उनकी सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।

नवंबर 2024 में Gambhir उस वक्त चर्चा में आए, जब उनके मार्गदर्शन में India को घरेलू टेस्ट सीरीज में New Zealand के खिलाफ करारी हार झेलनी पड़ी। यह पहली बार था जब India को घर पर 3-0 से टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी। इससे पहले करीब एक दशक से ज्यादा समय तक घरेलू टेस्ट क्रिकेट में India अजेय रही थी।

इस झटके के करीब एक साल बाद हालात और गंभीर हो गए, जब India ने South Africa के खिलाफ भी घरेलू सीरीज गंवा दी। और अब Indore में खेले गए वनडे मुकाबले में New Zealand की जीत ने Gambhir के सामने एक और ‘पहली बार’ जोड़ दी। यह आठ घरेलू सीरीज में पहली बार था, जब New Zealand ने India को वनडे सीरीज में हराया।

हालांकि यह कहना कि Gambhir की कुर्सी खतरे में है, शायद अतिशयोक्ति होगी, लेकिन इतना तय है कि दबाव अब महसूस किया जा रहा होगा। खुद Gambhir ने पिछले साल Guwahati में यह स्वीकार किया था कि सवाल उठना स्वाभाविक है। उस समय उन्होंने England दौरे की सफलता और Champions Trophy व Asia Cup जीत का हवाला देते हुए अपने रिकॉर्ड का बचाव किया था।

वास्तविकता यह भी है कि यह वनडे सीरीज हार बड़े परिप्रेक्ष्य में बहुत भारी नहीं मानी जा रही। Team India की नजरें आने वाले T20 World Cup पर टिकी हैं। इसी वजह से Jasprit Bumrah, Hardik Pandya और Axar Patel जैसे अहम खिलाड़ियों को आराम दिया गया। इसके अलावा Rishabh Pant और Washington Sundar की चोट ने टीम संयोजन को और कमजोर कर दिया।

Gautam Gambhir के सामने बढ़ती चुनौतियां पर Virat Kohli उनकी सबसे छोटी चिंता


इसके बावजूद बल्लेबाजी क्रम पूरी ताकत में था। Rohit Sharma, कप्तान Shubman Gill, Virat Kohli, Shreyas Iyer और KL Rahul जैसे बल्लेबाजों से बेहतर सामूहिक प्रदर्शन की उम्मीद थी, जो पूरी तरह पूरी नहीं हो सकी।

यह Gambhir की गलती नहीं कही जा सकती कि बल्लेबाज एक साथ नहीं चले या Ravindra Jadeja और Kuldeep Yadav अपनी लय में नहीं दिखे। सवाल असल में कुछ फैसलों को लेकर उठ रहे हैं—जैसे शुरुआती मैचों में Arshdeep Singh को मौका न देना, या Nitish Kumar Reddy का सीमित इस्तेमाल।

इन सबके बीच Virat Kohli का नाम किसी भी बहस से बाहर है। उन्होंने इस सीरीज में 93, 23 और 124 रन की पारियां खेलीं और निर्णायक मुकाबले में लगभग अकेले संघर्ष किया। 338 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्हें दूसरे छोर से सहयोग चाहिए था, जो नहीं मिला। उनका 54वां वनडे शतक भी टीम को जीत नहीं दिला सका।

निष्कर्ष साफ है—Gautam Gambhir के सामने चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन Virat Kohli की फॉर्म, फिटनेस या प्रतिबद्धता उनकी चिंताओं में सबसे नीचे है। असली परीक्षा Gambhir की रणनीतिक सोच और फैसलों की है, जिन पर आने वाले समय में और कड़ी नजर रहेगी।