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टीम इंडिया से बाहर होने का दर्द छलका Ishan Kishan का, शतक के बाद बोले – काफी बुरा लगा था
स्येद मुश्ताक अली ट्रॉफी में धमाकेदार शतक के बाद ईशान किशन ने तोड़ी चुप्पी, चयन न होने पर दिल की बात कही
भारतीय क्रिकेट में कई बार ऐसा देखा गया है कि बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम से बाहर बैठना पड़ता है। कुछ ऐसा ही दर्द ईशान किशन ने भी झेला। स्येद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में जब ईशान किशन ने 49 गेंदों पर विस्फोटक 101 रन जड़कर झारखंड को खिताब जिताया, तब उनके बल्ले के साथ-साथ दिल की बातें भी सामने आईं।
फाइनल मुकाबले में हरियाणा के खिलाफ खेली गई यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं थी, बल्कि उन तमाम सवालों का जवाब थी, जो पिछले दो साल से ईशान के करियर पर उठ रहे थे। 2023 के बाद से टीम इंडिया में जगह न मिलने का दर्द उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया।
मैच के बाद बातचीत में ईशान किशन ने कहा कि जब लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद चयन नहीं हुआ, तो उन्हें “काफी बुरा” लगा। उन्होंने माना कि शुरुआत में निराशा हुई, लेकिन समय के साथ उन्होंने खुद को संभालना सीखा। ईशान ने कहा कि अगर चयन नहीं हो रहा है, तो शायद उन्हें अपनी टीम को जिताने और ज्यादा योगदान देने की जरूरत है।
ईशान किशन ने युवा खिलाड़ियों को भी खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि निराशा सबसे खतरनाक चीज होती है, जो खिलाड़ी को पीछे खींच लेती है। अगर खुद पर भरोसा रखा जाए और मेहनत जारी रहे, तो हालात जरूर बदलते हैं। उनका मानना है कि उम्मीदों के बोझ से मुक्त होकर खेलना ही असली आज़ादी है।

इस टूर्नामेंट में ईशान किशन न सिर्फ फाइनल के हीरो बने, बल्कि पूरे स्येद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। कप्तान के रूप में यह उनकी पहली घरेलू ट्रॉफी थी, जिसे उन्होंने अपने करियर का सबसे खुशी भरा पल बताया।
ईशान ने कहा कि कप्तानी के दौरान कई बार खुद पर शक भी होता है, लेकिन जीत के बाद वही शक आत्मविश्वास में बदल जाता है। अब उन्हें अपनी बल्लेबाज़ी पर पहले से ज्यादा भरोसा है और वह जानते हैं कि मैच का रुख कैसे बदला जा सकता है।
यह प्रदर्शन ऐसे समय पर आया है, जब बीसीसीआई चयनकर्ता 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम की घोषणा करने वाले हैं। हालांकि ईशान किशन ने साफ किया कि वह अब किसी भी चयन को लेकर उम्मीद नहीं लगाए बैठे हैं। उनका फोकस सिर्फ एक चीज पर है – लगातार प्रदर्शन।
क्रिकेट इतिहास गवाह है कि कई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट के दम पर ही टीम इंडिया में वापसी करते हैं। स्येद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ईशान किशन का यह प्रदर्शन भी उसी राह की ओर इशारा करता है, जहां मेहनत आखिरकार अपनी कहानी खुद लिखती है।
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