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बिहार चुनाव में अमित शाह का बड़ा वादा – मुफ्त इलाज, रोजगार और दरभंगा में IT पार्क
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी बढ़ी, अमित शाह बोले – “तीन पीढ़ियों के लालू भी नहीं रोक पाएंगे ‘जीविका दीदी’ को मिलने वाला हक”
बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। दरभंगा की रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए के घोषणापत्र की झलक पेश करते हुए कई बड़े वादे किए। शाह ने कहा कि अगर एनडीए सत्ता में आती है, तो राज्य के 3.6 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को अब इलाज के लिए पटना या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि “एम्स-दरभंगा” में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही शाह ने घोषणा की कि दरभंगा में एक आईटी पार्क बनाया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
शाह ने मंच से राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा – “तीन पीढ़ियों के लालू भी जीविका दीदी का पैसा नहीं रोक सकते।” उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है और “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं से सशक्त किया है।

उधर, स्मृति ईरानी ने भी बिहार में महिला सुरक्षा और कल्याण को लेकर राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि “एनडीए सरकार ने बिहार की महिलाओं को भय और असहायता की छाया से बाहर निकाला है।”
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना में रोड शो करते हुए विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा, “जब पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान धमाके हो रहे थे, तब कांग्रेस की पहली फैमिली नींद खो रही थी।”
घोषणापत्र का मुकाबला:
विपक्ष ने अपने घोषणापत्र में सरकारी नौकरियां, महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और पुरानी पेंशन योजना जैसी मांगों को शामिल किया है। उन्होंने वादा किया है कि सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी, 200 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं को 2,500 मासिक सहायता दी जाएगी।
वहीं, एनडीए ने अपने घोषणापत्र में एक करोड़ नौकरियां, सात अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों, चार नए शहरों में मेट्रो सेवा, और एक करोड़ लखपति दीदी बनाने का वादा किया है।

बिहार का यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि विकास बनाम वादों का मुकाबला बनता जा रहा है।
अब देखना यह है कि जनता इस बार “नए बिहार” के सपनों पर भरोसा जताती है या पुराने नारों पर।
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