World News
Donald Trump का बड़ा प्लान लीक हुआ… India–China–Russia को लेकर नया ‘Core-5 Club’ बनाने की चर्चा तेज, Washington में मची हलचल
रिपोर्ट्स में दावा—Donald Trump अमेरिका, India, China, Russia, और Japan के साथ नया सुपर-ग्रुप बनाना चाहते हैं; पर क्या यह G7 को चुनौती देने की तैयारी है?
नई दिल्ली—दुनिया की राजनीति में हर दिन नए मोड़ आते हैं, लेकिन इस हफ्ते Washington से जो चर्चाएँ बाहर निकली हैं, उन्होंने वैश्विक कूटनीति को नए सिरे से हिला दिया है। कुछ महीने पहले तक पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) यह कह रहे थे कि अमेरिका ने India और Russia को “deepest darkest China” के हाथों खो दिया है। लेकिन अब रिपोर्ट्स संकेत दे रही हैं कि ट्रंप इन्हीं देशों के साथ एक नया ‘Core-5 Bloc’ बनाने पर विचार कर रहे हैं—एक ऐसा समूह जिसे पूरी तरह G7 मॉडल का विकल्प बताया जा रहा है।
क्या है ‘Core-5’ का यह विचार?
अमेरिकी पोर्टल Politico की रिपोर्ट के अनुसार वॉशिंगटन की गलियारों में इस सप्ताह यह प्रस्ताव घूम रहा है कि अमेरिका, China, Russia, India और Japan को मिलाकर एक नया ग्रुप बनाया जाए। यह विचार परंपरागत पश्चिमी गठबंधनों से बिल्कुल अलग दिशा में जाता है, जहाँ प्रतिद्वंद्वी देशों को एक मंच पर लाने का सपना देखा जा रहा है।
White House के एक अधिकारी—जो पहले ट्रंप प्रशासन का हिस्सा थे—ने Politico को बताया कि मौजूदा वैश्विक संस्थाएँ, जैसे G7 या UN Security Council, आज की भू-राजनीतिक चुनौतियों के लिए “fit for purpose” नहीं हैं।

और भी पढ़ें : हमेशा सधे कपड़ों वाला गृहमंत्री 26/11 ने जिस दिन Shivraj Patil की राजनीति बदल दी
हालाँकि White House की आधिकारिक प्रवक्ता Anna Kelly ने इस विचार का खंडन करते हुए कहा कि ऐसी कोई “गोपनीय या वैकल्पिक रणनीति” मौजूद नहीं है। फिर भी, चर्चाएँ थमी नहीं हैं।
क्या यह विचार ट्रंप की सोच से मेल खाता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रस्ताव ट्रंप की उस विदेशी नीति सोच को दर्शाता है जिसे परंपरागत अमेरिकी ढांचे में हमेशा अस्थिर माना गया है।
Politico ने Torrey Taussig, जो National Security Council में यूरोपीय मामलों की पूर्व निदेशक रह चुकी हैं, के हवाले से लिखा:
“Trump दुनिया को विचारधारा से नहीं बल्कि power equation से देखते हैं—जहाँ strongmen और regional influence वाले देशों के साथ काम करना उनका तरीका रहा है।”
यही वजह है कि अपने राष्ट्रपति कार्यकाल में वे China को Nvidia के H200 AI चिप्स बेचने की अनुमति देते रहे या Steve Witkoff और Jared Kushner जैसे अपने दूतों को Vladimir Putin से सीधे वार्ता के लिए भेजते रहे।
ट्रंप की हालिया नाराज़गी भी चर्चा में
हाल ही में ट्रंप ने India, China, और Russia पर व्यापार और यूक्रेन युद्ध को लेकर तीखे शब्दों में टिप्पणी की थी। उन्होंने Prime Minister Narendra Modi, Putin, और Xi Jinping की फोटो पोस्ट करते हुए कहा था:
“Looks like we’ve lost India and Russia to deepest, darkest, China…”

लेकिन अब इन देशों के साथ नया अंतरराष्ट्रीय क्लब बनाना—यह बदलाव जितना तेज़ है, उतना ही अप्रत्याशित भी।
India–US रिश्तों में नई गर्माहट
इन विवादों के बीच भारत और अमेरिका एक नए व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। गुरुवार को PM Narendra Modi और Donald Trump के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय प्रगति और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
मोदी ने एक्स पर लिखा:
“Had very warm and engaging conversation with President Trump… India and the US will continue to work together for global peace, stability and prosperity.”
यह बयान संकेत देता है कि तमाम भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद दिल्ली और वॉशिंगटन भरोसे और सहयोग की नई परतें जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या India बनेगा ‘Core-5’ का केंद्रीय स्तंभ?
विश्लेषक मानते हैं कि यदि यह क्लब कभी अस्तित्व में आता है, तो इसकी धुरी भारत ही हो सकता है—क्योंकि भारत एकमात्र ऐसा देश है जो China, Russia, US, और Japan सभी के साथ संबंध बनाए रखने का अनोखा संतुलन रखता है।
भारत इस समय G20 की मेजबानी, मध्य एशिया में कूटनीतिक उपस्थिति, और इंडो-पैसिफिक में अपनी रणनीतिक भूमिका के कारण विश्व राजनीति में एक निर्णायक खिलाड़ी बन चुका है।
पर सवाल भी बड़े हैं…
- क्या China और US एक ही क्लब में बैठ पाएँगे?
- क्या Russia वैश्विक प्रतिबंधों की स्थिति में खुलकर शामिल होगा?
- क्या यह G7 के प्रभाव को कम करने की कोशिश है?
इन सब बातों पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है। पर इतना तय है कि वॉशिंगटन में यह ‘Core-5’ चर्चा शांत होने का नाम नहीं ले रही।
for more news visit us www.dainikdiary.com
