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केरल सरकार ने किया बड़ा ऐलान – अब राज्य स्कूल खेलों में मिलेगा ‘मुख्यमंत्री गोल्ड कप’, 50 मेधावी खिलाड़ियों को मिलेंगे घर
शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने घोषणा की कि इस साल से राज्य स्कूल खेलों में ‘मुख्यमंत्री गोल्ड कप’ शुरू किया जाएगा, साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पदक विजेता 50 छात्रों के लिए घर बनाए जाएंगे।
केरल सरकार ने राज्य के स्कूल खिलाड़ियों के लिए एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है। राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने रविवार को बताया कि आगामी राज्य स्कूल खेल महोत्सव (State School Sports Meet) में अब से ‘मुख्यमंत्री गोल्ड कप (Chief Minister’s Gold Cup)’ दिया जाएगा। यह पुरस्कार उस जिले को मिलेगा जो समग्र चैंपियनशिप जीतने में सफल रहेगा।
22 कैरेट सोने से बना मुख्यमंत्री गोल्ड कप
इस विशेष ट्रॉफी को केरल की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानकर तैयार किया गया है। इसमें 940.24 ग्राम 22 कैरेट BIS 916 हॉलमार्क सोना इस्तेमाल किया गया है। इस गोल्ड कप की घोषणा केरल के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

मंत्री शिवनकुट्टी ने कहा कि यह पुरस्कार न केवल खेल उत्कृष्टता को सम्मानित करेगा, बल्कि यह केरल की परंपरा, कला और मेहनती भावना का प्रतीक भी बनेगा।
50 मेधावी छात्रों को मिलेंगे घर
इसके साथ ही मंत्री ने एक और भावनात्मक पहल की घोषणा की — राज्य स्कूल ओलंपिक (Kerala State School Olympics) में स्वर्ण पदक जीतने वाले आर्थिक रूप से कमजोर 50 छात्रों के लिए घर बनाए जाएंगे।
शिवनकुट्टी ने अपने फेसबुक पोस्ट में बताया कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी गरीबी के बावजूद राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं। उन्होंने लिखा —
“मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि कुछ खिलाड़ियों के घरों की स्थिति बहुत खराब है। कुछ ने तो रिकॉर्ड बनाए हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। इसलिए शिक्षा विभाग ने इन deserving बच्चों के लिए घर बनाने का निर्णय लिया है।”
सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील
मंत्री ने बताया कि सीपीएम इडुक्की जिला समिति ने इडुक्की की खिलाड़ी देवप्रिय के लिए घर बनाने का बीड़ा उठाया है, जबकि केरल स्काउट्स एंड गाइड्स संगठन कोझिकोड की देवानंदा के लिए घर बनाएगा।
उन्होंने कहा —
“इस योजना के तहत फिलहाल 50 घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कई संगठनों से संपर्क किया गया है और अब तक का रिस्पॉन्स बेहद उत्साहजनक रहा है। जो भी व्यक्ति या संस्था इस अभियान से जुड़ना चाहती है, वह शिक्षा विभाग (Public Education Department) से संपर्क कर सकती है।”
गरीब खिलाड़ियों के लिए उम्मीद की किरण
इस घोषणा से पूरे राज्य में खुशी की लहर है। खेल जगत ने भी इस पहल की सराहना की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह योजना केवल एक सरकारी प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने लिखा —

“जो भी लोग इस योजना के तहत मदद करना चाहते हैं, वे आगे आएं। गरीब बच्चों की मदद करना सबसे बड़ा धर्म है।”
केरल का खेल इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार मजबूत
केरल लंबे समय से स्कूल स्तर के खेलों को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते आए हैं। अब मुख्यमंत्री गोल्ड कप और ‘घर योजना’ के जरिए सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वह न केवल खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगी बल्कि खिलाड़ियों के सामाजिक और आर्थिक विकास की जिम्मेदारी भी उठाएगी।
