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“120 बहादुर की ऐतिहासिक रिलीज़: अब देशभर के 800 डिफेंस थिएटर्स में सैनिकों के लिए होगी विशेष स्क्रीनिंग”
फरहान अख्तर की युद्ध-गाथा अब भारत के सैनिकों और उनके परिवारों तक—पहली बार मोबाइल डिफेंस सिनेमा नेटवर्क के ज़रिए पहुंच रही है ये फिल्म।
भारत में पहली बार किसी फिल्म की रिलीज़ सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी—इस बार दर्शक होंगे वे लोग जो असल मायनों में “बहादुरी” का अर्थ परिभाषित करते हैं। फरहान अख्तर अभिनीत और युद्ध-गाथा पर आधारित फिल्म ‘120 बहादुर’ 21 नवंबर से देशभर के 800 से ज़्यादा डिफेंस थिएटर्स में दिखाई जाएगी। यह कदम भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों, वेटरन्स और उनके परिवारों को समर्पित है।
यह पहल PictureTime नाम की कंपनी अपने मोबाइल सिनेमा इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए कर रही है। इस तकनीक की मदद से ऐसे क्षेत्रों में भी फिल्म दिखाई जा सकती है जहां आम तौर पर थिएटर मौजूद ही नहीं होते—चाहे वह बर्फ से ढका लद्दाख हो या घने जंगलों वाला पूर्वोत्तर।
PictureTime के Founder-CEO सुशील चौधरी ने बताया कि भारत में करीब 15 लाख सक्रिय सैनिक और लगभग 2 करोड़ से अधिक वेटरन और उनके परिवार हैं। लेकिन इनमें से सिर्फ 30% लोग ही रक्षा थिएटरों तक पहुंच पाते हैं। ऐसे में ‘120 बहादुर’ की राष्ट्रव्यापी स्क्रीनिंग को वह एक “सांस्कृतिक एकजुटता” का अवसर बताते हैं।

दूसरी ओर, Excel Entertainment के CEO विशाल रामचंदानी ने कहा कि फिल्म की थीम—सेवा और बलिदान—उन्हें सेना के परिवारों तक इस कहानी को पहुंचाने के लिए प्रेरित करती है।
यह फिल्म रज़नीश ‘रेजी’ घई द्वारा निर्देशित है और रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और अमित चंद्रा द्वारा निर्मित है। कहानी रेज़ांग ला की लड़ाई की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें भारतीय सैनिकों ने दुश्मन के खिलाफ असाधारण साहस का प्रदर्शन किया था।
फिल्म में फरहान अख्तर, राशी खन्ना, विवान भाटेना, स्पर्श वालिया, धनवीर सिंह, एजाज़ खान सहित कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
‘120 बहादुर’ की ये डिफेंस थिएटरों में रिलीज़ इसके ग्लोबल प्रीमियर से पहले होगी, जिससे यह इमोशनल और ऐतिहासिक पहल और भी खास बन जाती है।
देशभर के सैनिकों के लिए यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सम्मान का महसूस कराने वाला पल है—जहां कहानी भी उनके बारे में है और दर्शक भी।
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