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Ustaad Bhagat Singh Review: Pawan Kalyan की दमदार एंट्री के बावजूद कहानी में रह गई कमी
Pawan Kalyan की स्क्रीन प्रेजेंस ने बचाई फिल्म, लेकिन Harish Shankar का निर्देशन इस बार नहीं कर पाया ‘Gabbar Singh’ वाला जादू
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Pawan Kalyan की बहुप्रतीक्षित फिल्म Ustaad Bhagat Singh आखिरकार 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। फैंस को इस फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, खासकर इसलिए क्योंकि यह फिल्म एक बार फिर Harish Shankar और पवन कल्याण की हिट जोड़ी को साथ लेकर आई है, जिसने पहले Gabbar Singh जैसी ब्लॉकबस्टर दी थी।
लेकिन क्या यह फिल्म उसी स्तर पर खरी उतर पाई? आइए जानते हैं इस रिव्यू में।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी एक ईमानदार और बहादुर शख्स ‘भगत’ (पवन कल्याण) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे बचपन में एक शिक्षक (K. S. Ravikumar) अपनाते हैं और उसे एक मजबूत सोच वाला इंसान बनाते हैं।
बड़ा होकर भगत एक पुलिस ऑफिसर बनता है और भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ लड़ाई शुरू करता है। इस दौरान उसका सामना एक खतरनाक नेता (R. Parthiban) से होता है, जो सत्ता और अपराध का खेल खेलता है।
कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब मुख्यमंत्री पर हमला होता है और भगत को साजिश के पीछे छिपे लोगों का पर्दाफाश करना पड़ता है।
एक्टिंग: पवन कल्याण का जलवा बरकरार
Pawan Kalyan फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनका लुक, स्टाइल और डायलॉग डिलीवरी फैंस को काफी पसंद आएगी। खासकर एक्शन और इमोशनल सीन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।
Sreeleela ने RJ के रोल में अच्छी एनर्जी दिखाई है और उनकी केमिस्ट्री पवन कल्याण के साथ ठीक-ठाक लगती है। वहीं Raashii Khanna का रोल सीमित है, जिसमें उन्हें ज्यादा करने का मौका नहीं मिला।
विलेन के तौर पर R. Parthiban ने दमदार अभिनय किया है और उनका किरदार कहानी में खतरा पैदा करता है।

म्यूजिक और टेक्निकल पक्ष
फिल्म का म्यूजिक इस बार उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। Devi Sri Prasad का एल्बम औसत लगता है, जबकि बैकग्राउंड स्कोर Thaman S ने दिया है, जो ठीक-ठाक है लेकिन ज्यादा असर नहीं छोड़ता।
सिनेमैटोग्राफी की बात करें तो फिल्म के जंगल और लोकेशंस को शानदार तरीके से शूट किया गया है, जो विजुअली फिल्म को मजबूत बनाते हैं।
क्या अच्छा है?
- पवन कल्याण की स्क्रीन प्रेजेंस
- सेकेंड हाफ के कुछ दमदार सीन्स
- कुछ पावरफुल डायलॉग
क्या कमजोर है?
- पुरानी और प्रेडिक्टेबल कहानी
- पहले एक घंटे की धीमी रफ्तार
- कमजोर गाने
ओवरऑल रिव्यू
Ustaad Bhagat Singh एक टिपिकल कमर्शियल एंटरटेनर है, जिसमें स्टार पावर तो है लेकिन नई कहानी या ताजगी की कमी साफ नजर आती है।
अगर आप Pawan Kalyan के फैन हैं, तो यह फिल्म आपको पसंद आ सकती है। लेकिन अगर आप कुछ नया और अलग देखने की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको थोड़ा निराश कर सकती है।
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