‘माइक नहीं छीना गया’: AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने JD Vance और भारतीय मूल की छात्रा के बीच वायरल बहस पर दी प्रतिक्रिया
अमेरिका में एक भारतीय मूल की छात्रा ने उपराष्ट्रपति JD Vance से इमिग्रेशन पॉलिसी पर सवाल पूछा। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा — “यही असली लोकतंत्र है, जहां माइक नहीं छीना गया और नेता जवाब दे रहा है।”
JD Vance से सवाल पूछती भारतीय मूल की छात्रा — AAP नेता सौरभ भारद्वाज बोले, “यही है असली लोकतंत्र, जहां माइक नहीं छीना गया।”
अमेरिका के University of Mississippi में आयोजित Turning Point USA इवेंट के दौरान उपराष्ट्रपति JD Vance और एक भारतीय मूल की महिला छात्रा के बीच हुई बहस सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। यह घटना तब हुई जब छात्रा ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीति पर सवाल उठाए — और Vance से कहा कि अमेरिका में रह रहे प्रवासियों को बाहर निकालना “नैतिक रूप से गलत” है।
इस वीडियो पर भारत में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस वीडियो की सराहना करते हुए कहा कि यह असली लोकतंत्र की झलक है।
🇮🇳 “यही है लोकतंत्र”: सौरभ भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा —
“एक भारतीय छात्रा अमेरिका में उपराष्ट्रपति से सवाल पूछ रही है। वह कह रही है कि दूसरे देशों के लोगों को डिपोर्ट करना गलत है, और माइक उससे छीना नहीं जा रहा। उपराष्ट्रपति उसे जवाब दे रहे हैं — यही लोकतंत्र है।”
प्रजातंत्र इसे कहते हैं :
अमरीका में एक भारतीय उनके उप राष्ट्रपति से सवाल कर सकती है
सरकार से कह रही है कि विदेश से आकर बसे लोगों को देश से निकालना ग़लत है
कह रही है धर्म (ईसाई धर्म) को किसी की राष्ट्रीयता से कैसे जोड़ा का सकता है
उन्होंने आगे कहा कि छात्रा ने यह कहकर अहम बात उठाई कि “क्रिश्चियनिटी को अमेरिकी पहचान पर एकाधिकार नहीं होना चाहिए।”
वायरल वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को अब तक लाखों लोग देख चुके हैं। कई यूज़र्स ने छात्रा की “हिम्मत और शालीनता” की तारीफ की। एक यूज़र ने लिखा —
“यह दिल तोड़ने वाला लेकिन बेहद शक्तिशाली पल था। भारतीय मूल की इस छात्रा ने JD Vance से जिस संयम और साहस के साथ सवाल किया, वह प्रेरणादायक है।”
वहीं कुछ लोगों ने Vance की टिप्पणी को “दोहरे मापदंड” बताया। एक यूज़र ने लिखा —
“Vance कह रहे हैं कि अमेरिका को विदेशी सेवक नहीं चाहिए, जबकि उनकी ससुराल भारतीय स्कॉलर्स से है। यह राष्ट्रवाद नहीं, बल्कि नस्लवाद है जो देशभक्ति के नाम पर छिपा है।”
Vance की पत्नी पर टिप्पणी से भड़का विवाद
इस बहस के बाद एक और विवाद तब खड़ा हो गया जब JD Vance ने अपनी पत्नी उषा वेंस, जो भारतीय मूल की हैं, को लेकर कहा —
“क्या मैं उम्मीद करता हूं कि एक दिन वो भी मेरे जैसे चर्च में जाकर वही महसूस करें जो मैंने किया? हां, मैं ईमानदारी से ऐसा चाहता हूं।”
यह बयान वायरल होने के बाद उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। कई यूज़र्स ने इसे “धर्म परिवर्तन की इच्छा” के तौर पर देखा।
एक यूज़र ने लिखा —
“वे 11 साल से शादीशुदा हैं और अब भी उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी पत्नी धर्म बदल लें? यह असम्मानजनक है।”
JD Vance का स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ने के बाद JD Vance ने सफाई देते हुए कहा —
“मेरी पत्नी क्रिश्चियन नहीं हैं और उनका धर्म परिवर्तन का कोई इरादा नहीं है। लेकिन किसी भी इंटरफेथ विवाह की तरह मैं यह उम्मीद करता हूं कि एक दिन वह मेरी तरह चीज़ों को देख सकें। चाहे कुछ भी हो, मैं हमेशा उनसे प्यार करूंगा और उनका साथ दूंगा।”
लोकतंत्र और संवाद की मिसाल
इस पूरे घटनाक्रम में जो सबसे प्रेरणादायक पल रहा, वह था — एक भारतीय मूल की छात्रा का खुले मंच पर सवाल उठाना और अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बिना रोक-टोक उसका जवाब देना। AAP नेता सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी ने इस घटना को एक बड़ा लोकतांत्रिक संदेश बना दिया —
“जब नेता आलोचना सुनते हैं और माइक नहीं छीना जाता, वहीं से लोकतंत्र शुरू होता है।”