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US ने 7 महीने पहले Ukraine की बात नहीं मानी, अब भारी पड़ रही है वह गलती — Iran के Drones से बचाव के लिए Kyiv से माँगनी पड़ी मदद

Zelensky ने August 2025 में ही Trump को दी थी चेतावनी — ‘Iran अपने Shahed Drones को और घातक बना रहा है’, लेकिन White House ने नहीं सुना, अब 7 US जवान शहीद

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US की 7 महीने पुरानी गलती अब पड़ रही है भारी — Ukraine के Drone Experts से माँगनी पड़ी मदद | Dainik Diary
Ukrainian President Volodymyr Zelensky — जिन्होंने August 2025 में ही Trump को Iran के Drone खतरे के बारे में आगाह किया था, अब उनकी Team US Bases की रक्षा के लिए Jordan में तैनात है।

राजनीति और युद्ध में कभी-कभी एक गलत फैसला बहुत महँगा पड़ता है। America के साथ आज कुछ ऐसा ही हो रहा है। करीब सात महीने पहले Ukraine ने US को एक सस्ता लेकिन बेहद कारगर Interceptor Drone System ऑफर किया था जो Iranian-made Attack Drones को रोकने में माहिर था। US ने तब इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। आज जब Iran के Drones US Military Bases को निशाना बना रहे हैं और सात American जवान जान गँवा चुके हैं, Washington को उसी Ukraine से मदद माँगनी पड़ रही है जिसे उसने ठुकरा दिया था।

वह August 2025 की White House Meeting

18 अगस्त 2025 को White House में एक बंद कमरे की बैठक हुई थी। Ukrainian President Volodymyr Zelensky ने उस बैठक में US President Donald Trump के सामने एक PowerPoint Presentation रखी। उसमें West Asia का नक्शा था और एक चेतावनी थी जो आज के हालात देखकर भविष्यवाणी जैसी लगती है — “Iran अपने Shahed One-Way Attack Drone Design को और उन्नत बना रहा है।”

Zelensky ने प्रस्ताव दिया कि Turkey, Jordan और Gulf States में जहाँ US Bases हैं, वहाँ “Drone Combat Hubs” बनाए जाएं — Radar, Sensors और Interceptor Drones का पूरा तंत्र तैयार किया जाए। एक Ukrainian Official ने बताया, “हम ‘Drone Walls’ बनाना चाहते थे। उस August की बैठक में Trump ने अपनी Team से इस पर काम करने को कहा, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।”

US ने क्यों नकारा Ukraine का प्रस्ताव?

Trump Administration के कुछ अधिकारियों को लगता था कि Zelensky अपने देश को बढ़ा-चढ़ाकर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना था कि Ukraine का इस क्षेत्र में उतना प्रभाव नहीं है। इस सोच ने Ukraine के प्रस्ताव को नजरअंदाज करवा दिया।

लेकिन असलियत यह थी कि Iran के Shahed Drones का सबसे ज्यादा अनुभव Ukraine को ही है। Russia ने Iran से ये Drones खरीदे, अपने संस्करण ‘Geran’ के नाम से बनाए और Ukraine के खिलाफ बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए। इन्हीं को रोकने के लिए Ukraine ने कम लागत का Interceptor Drone और पूरा Air Defence System विकसित किया। यानी दुनिया में Shahed जैसे Drones को काउंटर करने का सबसे ज्यादा व्यावहारिक अनुभव Ukraine के पास है।

“यह हमारी सबसे बड़ी Tactical गलती थी”

28 फरवरी को जब US और Israel ने Iran पर Strikes शुरू कीं और Iran ने पलटवार किया, तब इस फैसले की कीमत सामने आई। Iran के Shahed Drones ने अब तक 7 American Service Members की जान ले ली है। इन Drones को रोकने में US और उसके क्षेत्रीय साझेदारों के करोड़ों डॉलर खर्च हो चुके हैं।

दो US अधिकारियों ने Axios को बताया कि Ukraine का प्रस्ताव ठुकराना इस जंग से पहले Administration की सबसे बड़ी Tactical गलती थी। एक अधिकारी ने माना — “अगर Iran की जंग से पहले हमसे कोई Tactical Error हुई तो वह यही थी।”

US ने 7 महीने पहले Ukraine की बात नहीं मानी, अब भारी पड़ रही है वह गलती — Iran के Drones से बचाव के लिए Kyiv से माँगनी पड़ी मदद


अब Zelensky की मदद माँगी, Ukraine ने तुरंत हाँ कहा

समय बदल गया। अब US ने Ukraine से वही मदद माँगी जो उसने सात महीने पहले ठुकरा दी थी। Zelensky ने बताया कि US ने गुरुवार को मदद माँगी और Ukrainian Team अगले ही दिन रवाना हो गई। “हमने तुरंत जवाब दिया। मैंने कहा — हाँ, बिल्कुल, हम अपने Experts भेजेंगे,” Zelensky ने New York Times को बताया।

अब Ukraine ने Jordan में US Military Bases की सुरक्षा के लिए Interceptor Drones और Drone Specialists की एक Team तैनात की है। इसके अलावा Qatar, UAE और Saudi Arabia में भी Ukrainian Air Defence Teams को तैनात किया गया है ताकि Iran के Aerial Attacks से इन देशों को बचाया जा सके। Zelensky के मुताबिक इन Operations की सफलता के लिए Ukrainian Pilots की मौजूदगी बेहद जरूरी है।

एक सबक जो बहुत महँगा पड़ा

यह पूरा घटनाक्रम एक बड़ा सबक है। जब Ukraine ने August 2025 में चेतावनी दी थी तब Iran-US जंग की कोई आहट नहीं थी। लेकिन Zelensky की Team ने सही अंदाज़ा लगाया था कि Iran का Drone खतरा बढ़ रहा है। US ने उसे महत्व नहीं दिया। आज उसी चेतावनी के नतीजे सामने हैं।

जंग में दोस्त और दुश्मन बदलते रहते हैं, लेकिन सही वक्त पर सही जानकारी को नजरअंदाज करना — यह गलती हमेशा महँगी पड़ती है।