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होर्मुज़ जलडमरूमध्य में उतरेगी अमेरिकी नौसेना ईरान ने कहा: “जो भी आया, जहाज़ जला देंगे”

दुनिया का 20% तेल जिस रास्ते से गुज़रता है, वो रास्ता आज बंद है। Trump ने Navy भेजने का ऐलान किया — और ईरान ने सीधे चेतावनी दे दी। भारत समेत पूरी दुनिया की नज़रें इस 33 किलोमीटर चौड़े समुद्री रास्ते पर टिकी हैं।

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होर्मुज़ में उतरेगी US Navy — ईरान बोला 'जहाज़ जलाएंगे', दुनिया की तेल नस पर संकट | Dainik Diary
होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया का 20% तेल गुज़रता है — आज यह रास्ता बंद है। US Navy के एस्कॉर्ट के ऐलान के बाद ईरान ने जहाज़ जलाने की धमकी दी है।

वॉशिंगटन / तेहरान। एक पतली-सी समुद्री गली — महज 33 किलोमीटर चौड़ी। एक तरफ ईरान है, दूसरी तरफ ओमान। और इस बीच से हर महीने करीब 3,000 जहाज़ गुज़रते हैं, जिनमें दुनिया का पाँचवाँ हिस्सा तेल भरा होता है।

यही है — होर्मुज़ जलडमरूमध्य। और आज यह बंद है।

अब इसे खोलने के लिए अमेरिका अपनी नौसेना उतारने की तैयारी में है। और ईरान ने कहा है — जो भी आया, उसे जला देंगे।

यह केवल एक समुद्री विवाद नहीं है। यह पूरी दुनिया की ऊर्जा की नस है — और उस पर अभी कैंची चल रही है।


Trump का ऐलान — Truth Social पर बड़ा फैसला

मंगलवार को Trump ने Truth Social पर लिखा — “मैंने तत्काल प्रभाव से US Development Finance Corporation को आदेश दिया है कि वो Gulf में समुद्री व्यापार, खासकर ऊर्जा क्षेत्र, के लिए राजनीतिक जोखिम बीमा और वित्तीय सुरक्षा की गारंटी उचित कीमत पर दे। अगर ज़रूरत पड़ी तो US Navy जितनी जल्दी हो सके होर्मुज़ से Tankers को एस्कॉर्ट करना शुरू करेगी। अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि दुनिया में ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।

और भी पढ़ें : ईरान की आक्रामक कार्रवाई पर सऊदी अरब भड़का, खाड़ी देशों की संप्रभुता के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी

ईरान का जवाब — “जहाज़ जला देंगे”

Iran के Revolutionary Guard Corps (IRGC) के वरिष्ठ सलाहकार Ebrahim Jabari ने Iranian media में कहा — “यह जलडमरूमध्य बंद है। जो भी इससे गुज़रने की कोशिश करेगा, IRGC के नौसैनिक नायक उन जहाज़ों में आग लगा देंगे।”

अब ज़रा सोचिए — एक तरफ अमेरिका कह रहा है “हम जहाज़ भेजेंगे” और दूसरी तरफ ईरान कह रहा है “हम जलाएंगे।”

यह बच्चों का खेल नहीं है। यहाँ असली मिसाइलें हैं, असली जहाज़ हैं — और असली खतरा है।


Navy के पास है क्षमता? — अंदर की कहानी

जहाँ Trump ने Navy एस्कॉर्ट का ऐलान किया, वहीं US Navy ने खुद shipping industry को बता दिया कि फिलहाल होर्मुज़ में एस्कॉर्ट देने के लिए पर्याप्त Naval assets उपलब्ध नहीं हैं।

अभी अरब सागर में अमेरिका के 9 Guided-Missile Warships तैनात हैं, साथ में 3 Littoral Combat Ships Bahrain में हैं।

RBC Capital Markets की विश्लेषक Helima Croft ने कहा — “असली सवाल यह है कि क्या Navy के पास इतने assets हैं कि वो एक साथ ईरान पर हमले भी जारी रखे और जहाज़ों को एस्कॉर्ट भी करे?”

यानी — ऐलान बड़ा है, ज़मीनी हकीकत अलग है।


होर्मुज़ — दुनिया की सबसे ज़रूरी गली

क्रिकेट में कहते हैं — “यह गेंद एकदम ‘death over’ की तरह है।” दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए होर्मुज़ वही “death over” है।

इस समय होर्मुज़ से गुज़रने वाला यातायात 90% से ज़्यादा गिर गया है। दुनिया की चार सबसे बड़ी Container Shipping Lines — Maersk, MSC, Hapag-Lloyd और CMA CGM — सभी ने यहाँ से परिचालन बंद कर दिया है। एक भी LNG Tanker नहीं गुज़रा — पहली बार ऐसा हुआ है। 150 से ज़्यादा जहाज़ खाड़ी के अंदर खड़े या बहते हुए फंसे हैं।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में उतरेगी अमेरिकी नौसेना ईरान ने कहा: "जो भी आया, जहाज़ जला देंगे"

तेल के दाम — और भारत का खतरा

इस हफ्ते अमेरिकी तेल की कीमत 28% उछलकर $86 प्रति बैरल पर पहुंच गई। Brent Crude 22% चढ़कर $89 पर है।

JPMorgan की Global Commodities Research Head Natasha Kaneva ने चेतावनी दी — अगर Hormuz लंबे समय तक बंद रहा और Gulf देशों का Storage भर गया तो वो Production कम करने पर मजबूर होंगे — और तब Brent Crude $120 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इसका मतलब होगा — वैश्विक मंदी।

इराक ने पहले ही भंडारण क्षमता खत्म होने के कारण रोज़ 15 लाख बैरल उत्पादन घटा दिया है।

भारत के लिए यह सीधा खतरा है। हम अपनी ज़रूरत का 88% तेल आयात करते हैं और उसका बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।


ईरान के पास हथियार — और अमेरिकी जहाज़ निशाने पर

अगर Navy एस्कॉर्ट शुरू होती है तो ईरान के Anti-Ship Missiles खेल में आ सकते हैं। Iran के पास कम से कम 6 प्रकार की Anti-Ship Missiles हैं। इनकी मारक दूरी करीब 75 मील तक है।

होर्मुज़ अपने सबसे संकरे हिस्से में सिर्फ 21 मील चौड़ा है — यानी अमेरिकी जहाज़ ईरानी मिसाइलों की सीधी रेंज में होंगे।

कुवैत के Port Shuaiba पर ईरानी ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 18 से ज़्यादा घायल हैं।


Energy Secretary का बयान — “जल्द ही”

अमेरिकी Energy Secretary Chris Wright ने शुक्रवार को Fox News को बताया — “जैसे ही यह उचित होगा, हम जहाज़ों को एस्कॉर्ट करेंगे और ऊर्जा प्रवाह फिर शुरू करेंगे।”

लेकिन “जल्द ही” और “जैसे ही उचित होगा” — ये शब्द बताते हैं कि अभी कोई ठोस तारीख नहीं है।


क्लॉक टिक कर रही है

JPMorgan की Kaneva ने कहा — “होर्मुज़ के बंद रहते घड़ी चलती रहती है

हर दिन की देरी का मतलब है — ज़्यादा फंसे जहाज़, ज़्यादा महंगा तेल, और ज़्यादा आर्थिक नुकसान।

दुनिया देख रही है। और वो 33 किलोमीटर चौड़ी गली — अभी भी बंद है।

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