World News
US-Iran युद्ध: सातवें दिन भी आग नहीं बुझी — Tehran से Beirut तक बम, खाड़ी देशों पर ईरानी मिसाइलें
Khamenei की मौत से शुरू हुई यह जंग अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल चुकी है — Iran में 1,230 मौतें, Lebanon में 217 की जान गई, UAE में ईरानी हमला और Sri Lanka के पास डूबा युद्धपोत — पढ़ें सातवें दिन के सभी बड़े अपडेट।
नई दिल्ली। US और Israel की संयुक्त सेना और Iran के बीच छिड़ी जंग अपने सातवें दिन में प्रवेश कर गई है। जो संघर्ष Iran के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की हत्या से शुरू हुआ था, वह अब एक विस्फोटक क्षेत्रीय युद्ध बन चुका है — जिसकी आग UAE, Bahrain, Kuwait, Iraq, Saudi Arabia और Lebanon तक फैल गई है।
Tehran और Beirut पर भारी बमबारी
Israel ने शुक्रवार को Iran की राजधानी Tehran पर हवाई हमलों का एक बड़ा दौर शुरू किया। Israel Defence Forces ने इसे “व्यापक हमलों की नई लहर” बताया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमले इतने तीव्र थे कि घर तक कांपने लगे। साथ ही Israel ने Lebanon की राजधानी Beirut के दक्षिणी उपनगरों पर भी हवाई हमले किए और पहले से एक अभूतपूर्व निकासी चेतावनी जारी की थी — “अपनी जान बचाओ और तुरंत घर छोड़ो।” इससे इलाके में भगदड़ मच गई और हज़ारों लोग विस्थापित हो गए।
Lebanon को इस जंग में तब घसीटा गया जब Iran समर्थित Hezbollah ने Khamenei की मौत का बदला लेने के लिए Israel पर हमले किए। Lebanon के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 217 लोगों की जान जा चुकी है, 683 घायल हैं और कम से कम 90,000 लोग बेघर हो चुके हैं।
Operation Epic Fury — अमेरिका ने 200 ठिकाने तबाह किए
US Central Command के कमांडर Admiral Brad Cooper ने गुरुवार को बताया कि पिछले 72 घंटों में अमेरिकी बमवर्षकों ने Iran के भीतर करीब 200 सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इस अभियान का नाम “Operation Epic Fury” रखा गया है। इसमें Iran के मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन सुविधाएं और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े औद्योगिक ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है।
Cooper ने कहा — “हम सिर्फ उनके हथियार नहीं मार रहे, बल्कि उनकी दोबारा बनाने की क्षमता नष्ट कर रहे हैं।”
Hegseth की चेतावनी — “यह युद्ध लंबा चलेगा”
US Defense Secretary Pete Hegseth ने साफ कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो अमेरिका एक लंबा सैन्य अभियान चलाने के लिए तैयार है। उन्होंने Iran को चेताया — “यह सोचना कि हम यह टिका नहीं सकते, Iran की बड़ी गलती है। हमने अभी लड़ना शुरू किया है।”
ईरानी जवाबी हमले — खाड़ी में आग
Iran ने भी चुप बैठने से इनकार कर दिया। उसने UAE, Bahrain, Kuwait, Iraq और Saudi Arabia में US सैन्य अड्डों और ऊर्जा सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। Qatar के Al Udeid Air Base को निशाना बनाया गया — जहां US Central Command का मुख्यालय है — लेकिन Qatar ने उसे इंटरसेप्ट कर लिया। Saudi Arabia ने Riyadh के पास Sultan Air Base की ओर आ रही तीन बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं। Abu Dhabi में एक इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा गिरने से 6 लोग घायल हो गए।
Gulf देशों में अब तक 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें Kuwait में एक 11 वर्षीय बच्ची भी शामिल है।

Hezbollah कमांडर ढेर, Azerbaijan ने राजनयिक बुलाए
Israel ने Beirut में Hezbollah के आर्टिलरी प्रमुख Zaid Ali Jumaa को मार गिराया। IDF के अनुसार वह Lebanon से हज़ारों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन दागने का ज़िम्मेदार था। इस बीच Azerbaijan ने Iran में अपने सभी राजनयिकों को वापस बुला लिया — अपनी सीमा पर एक हवाई अड्डे और स्कूल पर ड्रोन हमले के बाद।
IRIS Dena — Sri Lanka के पास डूबा ईरानी युद्धपोत
इस हफ्ते एक अमेरिकी पनडुब्बी ने Sri Lanka के पास हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena को डुबो दिया। कम से कम 84 ईरानी नाविकों की मौत हुई, 32 को बचाया गया और 100 से अधिक अभी भी लापता हैं। US Defense Secretary Hegseth ने कहा कि यह World War II के बाद पहली बार है जब किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने किसी सतही जहाज़ पर हमला किया।
Iran की मौत का आंकड़ा 1,230 पार, बातचीत से इनकार
Iran के एक सरकारी फाउंडेशन के अनुसार US और Israel के हमलों में अब तक 1,230 लोग मारे जा चुके हैं। Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कहा — “हम US से बातचीत का कोई कारण नहीं देखते। अगर ज़मीनी हमला हुआ तो यह उनके लिए भारी तबाही होगी।”
Washington में भी दरार
अमेरिका के भीतर भी इस युद्ध पर सियासी टकराव शुरू हो गया है। Congress की मंज़ूरी के बिना Iran पर हमले को लेकर House of Representatives में एक प्रस्ताव लाया गया — लेकिन वह महज़ 212-219 के अंतर से गिर गया। Trump के इस फैसले पर अमेरिका में ही सवाल उठने लगे हैं।
