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US-Iran युद्ध में दो सप्ताह की मोहलत: ट्रंप ने लिया बड़ा कदम, Pakistan ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
39 दिन की लड़ाई के बाद अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह की युद्धविराम पर सहमति जताई, अब कूटनीतिक युद्ध की नई परीक्षा बाकी
दुनिया की सांसें 39 दिनों तक रुकी रहीं, लेकिन अब अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम घोषित होने के बाद राहत की लहर फैल गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा उस समय की जब उनका 8 बजे का “डेडलाइन” लगभग खत्म होने वाला था।
इस अप्रत्याशित युद्धविराम की घोषणा से पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने हर्मुज़ जलसंधि को खोलने में बाधा डाली, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ढांचे और पूरे सभ्यतात्मक ढांचे को नष्ट कर सकता है। ऐसे समय में, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने X पर पोस्ट कर दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील की।
करीब 40 मिनट बाद ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी युद्धविराम पर सहमति जताई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों को स्थिर रखने में भी अहम साबित होगा।

विश्लेषकों का मानना है कि अब असली परीक्षा ईरान की “अधिकतम शांति प्रस्तावों” को लेकर होगी। कूटनीतिक वार्ता में दोनों देशों के रुख और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका भविष्य की दिशा तय करेगी।
पिछले हफ्तों में, युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हिला कर रख दिया था। जलसंधि बंद होने के कारण तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि हुई और वैश्विक बाजार अस्थिर हुए। अब दो सप्ताह की मोहलत के साथ, उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय तक युद्धविराम और स्थिरता कायम रहे।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका ने दोनों देशों को बातचीत की मेज पर वापस लाने में अहम योगदान दिया। यह कदम दिखाता है कि क्षेत्रीय ताकतें, वैश्विक शक्तियों के बीच संतुलन बनाए रखने में कितना प्रभावशाली साबित हो सकती हैं।
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