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भारत में शेख हसीना की मौजूदगी पर बड़ा खुलासा क्या अनिश्चित समय तक रुक पाएंगी पूर्व पीएम हसीना
HTLS 2025 के मंच पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा—शेख हसीना भारत किन परिस्थितियों में आईं, वही तय करेगा कि वह यहां कितने समय तक रहेंगी
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित Hindustan Times Leadership Summit 2025 में मौजूद दर्शकों ने उस वक्त गहरी दिलचस्पी दिखाई, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहली बार साफ-साफ शब्दों में बताया कि बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में कितने समय तक रह सकती हैं। यह सवाल महीनों से चर्चा में था, लेकिन मंत्री ने यह संकेत देकर मामला और संवेदनशील बना दिया कि इस निर्णय को समझने के लिए सबसे पहले उन परिस्थितियों को देखना होगा, जिनमें हसीना भारत आई थीं।
जयशंकर ने कहा कि शेख हसीना अगस्त 2024 में भारत ऐसे समय पहुंचीं जब बांग्लादेश में छात्र आंदोलन उग्र था, सरकारी ढांचा ढह रहा था और हसीना सरकार पूरी तरह से गिर चुकी थी। इसी दौरान सुरक्षा कारणों के चलते वे दिल्ली पहुंचीं। मंत्री ने कहा कि “यह परिस्थिति ही आगे तय करेगी कि उनका भारत में ठहराव कितना लंबा होगा, लेकिन आखिरकार यह फैसला उन्हें ही करना होगा।”

बीते महीनों में हालात और तनावपूर्ण हुए हैं। 17 नवंबर को ढाका की एक ट्रिब्यूनल अदालत ने शेख हसीना को 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान कथित “मानवता के खिलाफ अपराध” के मामले में मौत की सजा सुनाई। हसीना ने हमेशा इस फैसले को “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” और “मनगढ़ंत फैसला” बताया है। उन्होंने कहा कि अदालत एक तरह से “कंगारू कोर्ट” में बदल गई है, जिसका उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध है।
एक ही मामले में बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री असादुज्ज़ामान खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई गई, जबकि पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल–ममून को जांच में सहयोग करने पर कम सजा मिली। इतना कठोर फैसला आने के बाद ढाका सरकार ने भारत को प्रत्यर्पण संधि का हवाला देते हुए शेख हसीना और कमाल को वापस भेजने की मांग रखी है।
भारत ने आधिकारिक बयान में कहा कि उसने इस फैसले को “नोट” किया है और वह बांग्लादेश की जनता के हित, लोकतंत्र और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। यह बयान कूटनीति की उस बारीक रेखा को दर्शाता है, जिसमें भारत मानवाधिकार, क्षेत्रीय स्थिरता और राजनीतिक संवेदनशीलता—तीनों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।

HTLS 2025 में इस बार कई दिग्गज मौजूद थे—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हॉलीवुड अभिनेता Hugh Grant, और बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान। “Transforming Tomorrow” थीम के तहत आयोजित इस शिखर सम्मेलन में राजनीति, विज्ञान, तकनीक, मनोरंजन और सामाजिक बदलावों पर देश-विदेश के नेताओं ने अपने विचार साझा किए।
शेख हसीना के भविष्य पर अभी भी अनिश्चितता बनी है। क्या भारत उन्हें लंबे समय तक शरण देगा? क्या बांग्लादेश की नई सरकार उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बना पाएगी? क्या भविष्य में कोई कूटनीतिक समाधान निकलेगा? यह सभी सवाल आने वाले हफ्तों—शायद महीनों—तक दक्षिण एशिया की राजनीति को प्रभावित करते रहेंगे।
फिलहाल इतना साफ है कि शेख हसीना का ठहराव कानूनी से ज्यादा राजनीतिक और मानवीय परिस्थितियों से जुड़ा मामला है, और इसी वजह से यह भारत की विदेश नीति का संवेदनशील विषय बन चुका है।

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