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Sanchar Saathi App पर बड़ा बयान—ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तोड़ी अफवाहें, कहा “ना ज़बरदस्ती इंस्टॉल, ना अनइंस्टॉल रोक”—जानें पूरा मामला
टेलीकॉम मंत्री ने साफ किया कि Sanchar Saathi एक वैकल्पिक ऐप है; फोन ट्रैकिंग और साइबर सुरक्षा के लिए बना है, जासूसी के लिए नहीं
देश में पिछले कुछ दिनों से Sanchar Saathi App को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें फैल रही थीं—किसी ने इसे अनिवार्य बताया, तो किसी ने दावा किया कि ऐप फोन से हटाया नहीं जा सकता। इसी बीच केंद्र सरकार के टेलीकॉम मंत्री Jyotiraditya Scindia ने खुद सामने आकर इन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है।
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा—
“Sanchar Saathi ऐप पूरी तरह वैकल्पिक है। अगर आप इसे इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो न डाउनलोड करना ज़रूरी है और न ही इसे रखना। आप कभी भी इसे डिलीट कर सकते हैं।”
यह बयान ऐप से जुड़ी उन गलतफहमियों को दूर करने के लिए आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार यह ऐप हर मोबाइल फोन में प्री-इंस्टॉल कराएगी या इसकी अनइंस्टॉलेशन रोक देगी।
Sanchar Saathi App क्या करता है?
Sanchar Saathi वास्तव में साइबर सुरक्षा और मोबाइल सुरक्षा के लिए बनाया गया एक सरकारी टूल है, जिसे Department of Telecommunications (DoT) ने विकसित किया है।

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यह ऐप उपयोगकर्ताओं को तीन मुख्य सुविधाएँ देता है:
✔ खोए या चोरी हुए फोन को ट्रैक करना
फोन चोरी होने की स्थिति में ऐप की मदद से उसका IMEI ब्लॉक कराया जा सकता है।
✔ फेक या क्लोन किए गए मोबाइल नंबरों की पहचान करना
अगर आपके नाम पर किसी ने फर्जी सिम ले रखी हो, तो यह ऐप उसकी जानकारी देता है।
✔ साइबर फ्रॉड से सुरक्षा
ऐप संभावित साइबर खतरे और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में अलर्ट भेजता है।
मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि ऐप को स्पाइंग या मॉनिटरिंग के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है।
क्या ऐप अनिवार्य है? सरकार का जवाब—‘नहीं’
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दोहराया कि सरकार ने इस ऐप को न तो अनिवार्य किया है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा—
“अगर आप रजिस्टर नहीं करना चाहते, तो मत करें। अगर ऐप नहीं रखना चाहते, तो कभी भी डिलीट कर दें—यह पूरी तरह आपकी मर्ज़ी है।”

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सोशल मीडिया पर क्यों फैली गलत जानकारी?
कुछ वायरल पोस्टों में दावा किया गया था कि Sanchar Saathi फोन के कैमरा और माइक्रोफोन पर नजर रखता है।
साइबर विशेषज्ञों ने इन दावों को फर्जी और भ्रामक बताया है।
Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने भी कहा है कि ऐप किसी भी प्रकार की निगरानी गतिविधि नहीं करता।
इसके अलावा, कई फेक स्क्रीनशॉट भी शेयर किए गए, जिनके माध्यम से लोगों में डर फैलाया गया।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है सही तरीका?
सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने सलाह दी है:
- किसी भी तकनीकी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट से ही करें
- फेक चैनलों या अनवेरिफाइड वीडियो पर भरोसा न करें
- अगर कोई लिंक संदिग्ध लगे तो क्लिक न करें
- साइबर धोखाधड़ी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन पर करें
क्यों जरूरी है डिजिटल साक्षरता?
आज भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल उपयोगकर्ता देशों में शामिल है।
ऐसे में गलत सूचनाएँ सिर्फ भ्रम ही नहीं, सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
Sanchar Saathi जैसे टूल नागरिकों को सशक्त बनाते हैं—लेकिन इन्हें गलत संदर्भ में पेश करने से लोग इनके सही उपयोग से दूर हो जाते हैं।
