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“मेरा पहला सवाल था Transgender Artists को क्यों नहीं लिया?” Rajshri Deshpande ने बताया Baapya में Trans Man बनने का सफर
Sacred Games fame Rajshri Deshpande Marathi film Baapya में एक Trans Man की भूमिका निभा रही हैं — और उन्होंने बताया कि यह role लेने से पहले उनका पहला सवाल क्या था, Trans Bill पर क्या सोचती हैं, और समाज के लिए वो क्या कर रही हैं।
कुछ actors होते हैं जो किरदार निभाते हैं — और कुछ होते हैं जो किरदार जी लेते हैं। Rajshri Deshpande दूसरी category में आती हैं। Netflix की hit series Sacred Games में Subhadra Devalekar के किरदार ने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई — Nawazuddin Siddiqui के साथ उनकी chemistry और उनका raw, fearless performance आज भी याद किया जाता है। उसके बाद Trial by Fire, Manto, Angry Indian Goddesses और Sexy Durga जैसे projects में उन्होंने साबित किया कि वो सिर्फ एक चेहरा नहीं — एक force हैं।
और अब वो वापस आई हैं director Sameer Tewari की Marathi film Baapya के साथ — एक ऐसी भूमिका में जो उन्होंने पहले कभी नहीं निभाई।
Baapya — एक औरत का मर्द बनने का सफर
Baapya एक Trans Man की कहानी है। Rajshri Deshpande film में Shailaja से Shailesh बनने की journey को पर्दे पर उतारती हैं — gender reassignment surgery के बाद जब Shailesh अपने Konkan गांव वापस लौटता है, तो उसका सामना होता है उसके ex-husband, बेटे और पूरे समाज से जो इस सच्चाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं।
पहला सवाल जो उन्होंने अपने Director से पूछा
NDTV से बात करते हुए Rajshri Deshpande ने बताया कि इस role को लेने से पहले उनका पहला सवाल क्या था — “मेरा पहला सवाल director और team से यही था कि हम इसे कैसे करने वाले हैं। मैं चाहती थी कि इसमें ज़्यादा Transgender artists शामिल हों — वो होने चाहिए। मैं अक्सर यह सवाल उठाती हूं कि उन्हें क्यों नहीं cast किया जाता? लेकिन इस film में male और female — दोनों phases थे। एक woman से man में बदलाव को दिखाना था, और limited budget में यह technically बहुत मुश्किल था।”
उन्होंने आगे कहा — “मैं Kinner community के साथ closely काम करती हूं। एक social worker के तौर पर मुझे लगता है कि Transgender लोगों को actors, directors, DOPs — हर role में आना चाहिए। लेकिन यह story की ज़रूरत पर भी निर्भर करता है।”
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Trans Bill पर फूटा दर्द
India में Transgender rights के लिए Transgender Persons (Protection of Rights) Act 2019 बना था। लेकिन March 2026 में जो Amendment Bill पास हुआ, उसने self-identification का अधिकार छीन लिया और strict medical certification rules लागू कर दिए — और इस पर Rajshri Deshpande ने खुलकर अपनी बात रखी।
“यह दिल तोड़ने वाला था। आज का दौर खुलकर बात करने का है, लेकिन हम पीछे चले गए। जो लोग यह फैसले ले रहे हैं, उन्हें ज़मीनी हकीकत नहीं पता। मैं अपनी non-profit के ज़रिए healthcare और education में काम करती हूं — हमें बहुत ज़्यादा awareness की ज़रूरत है। मैं इस Bill को पूरी तरह reject करती हूं।”
Trans Men को समझने की कोशिश

Baapya के लिए Rajshri Deshpande ने Transgender friends, women और drag artists से inspiration ली। लेकिन एक Trans Man का किरदार निभाना उनके लिए नया था — उन्हें और गहरे जाना पड़ा।
“मुझे समझ आया कि gender आपका दिल तय करता है — आप अपनी ज़िंदगी कैसे जीना चाहते हो।” उन्होंने Trans Men के साथ वक्त बिताया, script में उनकी बात शामिल की और उनकी ज़िंदगी को महसूस करने की कोशिश की।
उन्होंने एक touching बात share की — film का happy ending देखकर एक Trans Man ने कहा कि यही ज़िंदगी वो जीना चाहता था — जहां family और समाज उसके फैसले को स्वीकार करे।
“हमारा cinema अब तक gender identity को सही तरीके से नहीं दिखा पाया — या तो mockery है या stereotypes। Baapya के ज़रिए हम दिखाना चाहते हैं कि यह उसकी ज़िंदगी है — उसका फैसला है।”
Actress भी, Social Worker भी
Rajshri Deshpande ने 2018 में Nabhangan Foundation की स्थापना की। Maharashtra के सूखाग्रस्त इलाकों में पानी बचाने, महिला सशक्तिकरण और rural regeneration के लिए वो लगातार काम करती हैं। वो खुद हंसते हुए कहती हैं — “मैं casting directors से ज़्यादा किसानों के लिए accessible हूं।”
लेकिन इसी में उनकी ताकत है — “यह मेरी ज़िंदगी का हिस्सा है। Social work ने मुझे एक बेहतर इंसान बनाया है — और एक बेहतर actor भी।”
Baapya — थिएटर में आज से, Award भी मिला
Baapya 15 May 2026 को theatres में release हो गई है। Film को Pune International Film Festival में Best Film का award मिल चुका है। Rajshri Deshpande की यह performance एक ऐसी कहानी को आवाज़ दे रही है जो ज़रूरी है — जो असली है — और जो बहुत देर से कही जानी चाहिए थी।
