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राहुल गांधी को शशि थरूर से सीख लेनी चाहिए पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल का बड़ा बयान
मेरठ में इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राहुल गांधी को लेकर दी तीखी प्रतिक्रियाएं।
इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा मेरठ के आईएमए हॉल में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व लोकसभा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ का हवाला देते हुए राहुल गांधी को भी उसी राह पर चलने की सलाह दे डाली।
तीन बार मेरठ से लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व सांसद ने कहा कि “जब विपक्ष का कोई नेता किसी की अच्छाई को स्वीकार करता है तो उसे संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की तारीफ की है, उसी तरह “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी सकारात्मकता अपनानी चाहिए।”
‘द एक्सटर्नल अफेयर्स एक्सपर्ट’ के रूप में पहचाने जाने वाले शशि थरूर ने हाल ही में पीएम मोदी की वैश्विक कूटनीति की सराहना की थी। इस पर राजेन्द्र अग्रवाल ने अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा, “अटल जी ने भी इंदिरा गांधी की तारीफ की थी, यह संसदीय गरिमा की मिसाल होती है।”

सपा नेता पर पलटवार:
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र चौधरी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने वर्तमान हालात की तुलना इमरजेंसी से की थी, पूर्व सांसद ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “राजेन्द्र चौधरी को इमरजेंसी का इतिहास नहीं मालूम। मुकदमा दर्ज होना इमरजेंसी नहीं होता, इमरजेंसी तानाशाही थी, जिसमें नागरिक अधिकारों का गला घोंटा गया।”
जेल की यादों से कांप उठे पूर्व सांसद:
राजेन्द्र अग्रवाल ने अपने आपातकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि 1975 में वे पीलीभीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक थे, और उन्हें भी गिरफ्तार कर 21 महीने जेल में डाला गया था। “कई दिनों तक सूरज देखा ही नहीं, उल्टा लटका कर मारा जाता था, यातनाएं दी जाती थीं।” उन्होंने इस काले अध्याय को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर धब्बा बताया।
बांके बिहारी कॉरिडोर पर भी कांग्रेस पर हमला:
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा बांके बिहारी कॉरिडोर पर दिए गए विरोधात्मक बयान पर भी पूर्व सांसद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “जनहित के कामों का विरोध करना कांग्रेस की आदत बन गई है, लेकिन अब जनता सब देख रही है।”
राजेन्द्र अग्रवाल की इस प्रतिक्रिया ने न सिर्फ इमरजेंसी की भयावहता को उजागर किया, बल्कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में विपक्ष की भूमिका पर भी गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस इस संदेश को कैसे लेते हैं।
