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Prakash Raj का वो बयान जो आज भी गूंजता है: “Actors राजनीति में आएं तो तबाही है”
61वें जन्मदिन पर याद आया उनका वो दमदार Quote — Rajinikanth, Kamal Haasan और Pawan Kalyan पर क्या कहा था इस बेबाक अदाकार ने?
कुछ लोग उम्र के साथ और निखरते हैं — और Prakash Raj उन्हीं में से एक हैं। आज 26 मार्च 2026 को जब वे अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं, तो उनका एक पुराना बयान एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बयान था 2017 का — जब South Indian राजनीति में हलचल मची हुई थी और फिल्मी सितारे एक-एक करके चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे।
वो शाम जब Bengaluru में बोले Prakash Raj
साल 2017, शहर Bengaluru, और मंच पर खड़े थे वो शख्स जो परदे पर villain का किरदार निभाते हैं, मगर असल ज़िंदगी में हमेशा सच बोलते हैं। Dailyo.in के मुताबिक उस इवेंट में Prakash Raj ने कहा था —
“Actors राजनीति में आएं तो तबाही है। मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं कि Rajinikanth, Kamal Haasan, Pawan Kalyan और Upendra सिर्फ इसलिए राजनीतिक दल बनाएं क्योंकि वे actors हैं — हालांकि मैं इन सभी का fan हूं। सिर्फ लोकप्रियता के दम पर राजनीति में नहीं आना चाहिए। यह तबाही है।”
उन्होंने आगे कहा —
“उन्हें देश की समस्याओं पर स्पष्ट focus के साथ आना चाहिए और लोगों का भरोसा जीतना चाहिए। और हमें fans की तरह नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों की तरह वोट देना चाहिए। मैं किसी को सिर्फ इसलिए वोट नहीं दूंगा क्योंकि वो actor है। जब कोई actor राजनीति में आए, तो मैं जानना चाहूंगा — उसका manifesto क्या है, वो मेरे जैसे लोगों की समस्याएं कैसे समझेगा। अगर मैं convinced हुआ, तभी वोट मिलेगा।”
वो दौर जब South India की राजनीति करवट ले रही थी
2017 वो वक्त था जब Tamil Nadu में दिग्गज नेता और अभिनेत्री J. Jayalalithaa की दिसंबर 2016 में मौत के बाद सत्ता का एक बड़ा शून्य पैदा हो गया था। इसी शून्य को भरने की होड़ में Rajinikanth और Kamal Haasan दोनों राजनीति में एंट्री के संकेत दे रहे थे। उधर Andhra Pradesh में Pawan Kalyan अपनी पार्टी Jana Sena के साथ जनता के बीच जा रहे थे, और Karnataka में Upendra भी राजनीतिक ज़मीन तलाश रहे थे।

ऐसे माहौल में Prakash Raj का यह बयान एक ठंडे पानी के छींटे की तरह था — जिसने सवाल उठाया कि क्या fan following और votes एक ही चीज़ हैं?
Manifesto मांगो, सिर्फ चेहरा नहीं
Prakash Raj की यह बात आज भी उतनी ही ज़रूरी है जितनी 2017 में थी। वे कहते हैं कि जनता को actor की popularity से नहीं, बल्कि उसके vision से प्रभावित होना चाहिए। राजनीति कोई film set नहीं है, और नागरिक कोई audience नहीं। यहां हर फैसले की कीमत असल ज़िंदगी में चुकानी पड़ती है।
कौन हैं Prakash Raj?
Bengaluru में जन्मे Prakash Rai — जिन्होंने अपने mentor, legendary director K. Balachander की सलाह पर अपना surname बदलकर Raj रखा — आज भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित नामों में से एक हैं। वे पांच बार National Award जीत चुके हैं और हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम — पांच से ज़्यादा भाषाओं में काम कर चुके हैं।
फिल्मों में आने से पहले वे theatre के मंच पर अपनी कला को तराशते थे। परदे पर उन्होंने जितने यादगार villain निभाए हैं, उनकी फेहरिस्त लंबी है — Ghilli में Muthupandi हो, Singham का भ्रष्ट नेता हो, या Mani Ratnam की फिल्म Iruvar का बारीकी से गढ़ा किरदार Tamilselvan — Prakash Raj हर किरदार में जान फूंक देते हैं।
जन्मदिन मुबारक, बेबाक इंसान
61 साल की उम्र में भी Prakash Raj न तो थके हैं और न ही चुप हुए हैं। वे आज भी उतनी ही बेबाकी से बोलते हैं — चाहे कैमरे के सामने हो या माइक के। Dainik Diary की तरफ से उन्हें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।
