Connect with us

Politics

अगर मेरा मंत्री होता तो अब तक रेड पड़ चुकी होती”—हाइड्रो प्रोजेक्ट विवाद पर उमर अब्दुल्ला का BJP MLA पर तंज

850 मेगावाट रैटल जलविद्युत परियोजना में दखल के आरोपों पर J&K CM ने जांच की मांग की, संस्थानों की भूमिका पर उठाए सवाल

Published

on

Omar Abdullah Slams BJP MLA Over Alleged Interference in Hydroelectric Project
श्रीनगर में मीडिया से बात करते जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गरमा गया है। 850 मेगावाट की रैटल जलविद्युत परियोजना में कथित दखल के आरोपों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर इस तरह का आरोप उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के किसी मंत्री पर लगता, तो अब तक भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी छापेमारी कर चुकी होती।

श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा, “इस तरह का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और अगर हो रहा है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये परियोजनाएं सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के हित में हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर राजनीतिक दखल बेहद चिंताजनक है।

BJP MLA पर लगे आरोपों का संदर्भ

यह बयान उस वक्त आया है, जब कुछ दिन पहले एक निर्माण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने आरोप लगाया था कि जम्मू से एक BJP विधायक ने परियोजना के कामकाज में हस्तक्षेप किया। इस आरोप के बाद से ही विपक्ष सरकार और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।

omar abdullah


संस्थागत नियंत्रण पर उमर की नाराज़गी

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि जिन संस्थानों पर पहले निर्वाचित सरकार का नियंत्रण होता था, उन्हें अब भी पूरी तरह सरकार को नहीं सौंपा गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वह खुद ऊर्जा मंत्री हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन अब तक उनके विभाग के अधीन नहीं है।

उमर अब्दुल्ला के मुताबिक, जब तक संस्थागत नियंत्रण और जवाबदेही स्पष्ट नहीं होगी, तब तक इस तरह के विवाद सामने आते रहेंगे।

जांच की मांग, राजनीतिक संदेश

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसियों और संबंधित संस्थानों से अपील की कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करें। उनके इस बयान को आने वाले समय में केंद्र और राज्य के बीच अधिकारों को लेकर चल रही खींचतान के रूप में भी देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान सिर्फ एक परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक अधिकारों और राजनीतिक जवाबदेही की बड़ी बहस की ओर इशारा करता है।

और पढ़ें – DAINIK DIARY

Continue Reading
1 Comment

1 Comment

  1. Pingback: रुपया ऑल टाइम लो पर, डॉलर के मुकाबले 90.97 तक फिसला, आम आदमी की जेब पर असर - Dainik Diary - Authentic Hindi News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *