Education
Odisha में शिक्षा का बड़ा बदलाव: 800 Schools बनेंगे ‘मॉडल इंस्टीट्यूट’, डिजिटल क्लासरूम से बदलेगी पढ़ाई
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का ऐलान—आधुनिक सुविधाओं, स्मार्ट शिक्षा और नए टीचिंग तरीकों से छात्रों को मिलेगा बेहतर भविष्य
ओडिशा में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की बड़ी पहल शुरू हो चुकी है। राज्य के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने घोषणा की है कि करीब 800 स्कूलों को ‘मॉडल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कदम PM SHRI Scheme के तहत उठाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर के स्कूलों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र में बदलना है।
रविवार को क्योंझर जिले के एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में केवल किताबों का ज्ञान ही काफी नहीं है। छात्रों को आगे बढ़ने के लिए स्किल्स, क्रिएटिविटी और नई सोच की भी जरूरत है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का रास्ता है।
इस योजना के तहत चुने गए स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, बेहतर लैब सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। साथ ही, शिक्षण पद्धति को भी नया रूप दिया जाएगा ताकि बच्चों को रटने के बजाय समझने और सीखने पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके।
राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 2026-27 के बजट में 31,997 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है। पिछले डेढ़ साल में लगभग 20,000 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है और आने वाले समय में 45,000 और शिक्षकों की भर्ती की तैयारी है। इसके अलावा, हर पंचायत में ‘आदर्श प्राथमिक विद्यालय’ खोलने की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मॉडल स्कूल ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच की खाई को कम करने में मदद करेंगे। उदाहरण के तौर पर, जिन इलाकों में पहले बच्चों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलती थीं, वहां अब डिजिटल बोर्ड, ई-लाइब्रेरी और इंटरैक्टिव लर्निंग जैसे साधन उपलब्ध होंगे।

Government of India द्वारा शुरू की गई इस योजना का मकसद छात्रों को ऐसा माहौल देना है, जहां वे न सिर्फ पढ़ाई में अच्छे हों, बल्कि जिम्मेदार और जागरूक नागरिक भी बन सकें। यह पहल National Education Policy 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसमें समावेशी और आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया गया है।
अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में ओडिशा के स्कूल देश के लिए एक मिसाल बन सकते हैं और छात्रों के भविष्य को नई उड़ान मिल सकती है।
